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Kitchen Gardening (Part 6): Chemical Fertilizer

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पार्ट 5 मे आर्गेनिक फ़र्टिलाइज़र के विषय मे जाना था कि वो किस तरह से पोधों और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते है जबकि chemical Fertilizer नुकसान पहुंचाते हैं। 1) फूलों की ग्रोथ के लिए Super Sonata मेडिसिन का प्रयोग करें। 6ml एक लीटर पानी मे घोल कर शाम के समय स्प्रे कर दे। इसे सर्दियों मे प्रयोग नहीं करते है। 2) NPK 5 ग्राम 1 लीटर पानी मे डाल कर पौधों मे दे और स्प्रे करें। NPK 20:20:20, 19:19:19 सभी प्लांट्स के लिए अच्छा होता है। Nitrogen हरी पत्तियों और तने की ग्रोथ मे मदद करता है, Phosphorus जड़ के विकास मे मदद करता है, Potassium ठण्ड और गर्मी से पौधे मे होने वाले तनाव को दूर करने मे मद्द करता है। यह लम्बे समय के लिए अच्छा नहीं होता इससे मिटटी की गुडवत्ता ख़राब होती है। 3) Siapton 10-L यह आर्गेनिक है जो कि मिटटी मे आसानी से अवशोषित हो जाता है इसक प्रयोग मिर्च टमाटर बैगन आदि मे किया जाता है। 4) DAP-Di-ammonium Phosphate होता है जो कि पौधों की ग्रोथ के लिए अच्छा होता है परन्तु केमिकल युक्त होने के कारण हानिकारक होता है और मिटटी को खराब भी करता है।  इसके चार से पांच दाने पौधे के किनार...

Kitchen Gardening (Part 5)

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अब बारी आती है खाद की क्योंकि पौधों का विकास करने के लिए अच्छी खाद का होना जरुरी होता है सामान्यतः बाजार से केमिकल युक्त खाद लेकर पौधों मे डाल देते है जो कि हानिकारक होती है और कुछ समय के बाद मिटटी को भी ख़राब कर देती है। यदि यही खाद जैविक हो तो मिटटी भी अच्छी रहती है और विकास भी अच्छा होता है। मेरे कुछ रीडर्स ने पूछा कि कोई ऐसी खाद बताइये जिसको सभी पौधों मे डाला जा सके। ऐसे कुछ फर्टिलाइजर है जिनको आप प्लांट्स मे डाल सकते है। इनमे से कुछ घर पर तैयार किये जा सकते है और कुछ बाजार से लिए जा सकते है ये आर्गेनिक और कैमिक्ल दोनों प्रकार के होते है। यह गार्डनर के ऊपर निर्भर करता है कि वह किसका प्रयोग करना चाहता है। Organic fertilizer (जैविक खाद) 1) Kitchen Waste को 2 से 3 दिन तक पानी मे भिगो कर रखे उसके बाद उसमे दुगना पानी मिलाकर प्लांट्स मे डाल दे। इससे प्लांट को सभी पोषक तत्व मिल जाते है। यह प्रक्रिया प्रत्येक 15 दिन बाद दोहराएं। 2) Vermicompost- महीने मे एक बार -1 चम्मच वर्मीकम्पोस्ट 8/9 इंच के गमले मे, 2 चम्मच 10/12 इंच के गमले मे दे इससे प्लांट मरता नहीं है और धीरे धीरे ग्रोथ करता है। 3) ...

Kitchen Gardening (Part 4)

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मिटटी तैयार है, गमलों का चुनाव भी हो गया अब बारी है गमले कैसे और किस स्थान पर रखे जाये जिससे उनको पर्याप्त धूप या छाया मिल सके। इसके लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए - Indoor plant हो चाहे outdoor Plant सभी को चार से छह घंटे की धूप की जरुरत होती है अतः पौधे ऐसे स्थान पर रखे जहाँ पर्याप्त धूप आती हो। 1A) 3 से 4 घंटे की धूप बाले स्थान पर पत्तों बाली सब्जियां उगाएं, B) 4 से 5 घंटेकी धूप बाले स्थान पर रुट वाली और C) 6 से 8 घंटे की धूप बाले स्थान पर सभी प्रकार की सब्जियां और फूल वाले पौधों को उगाया जा सकता है। 2) पानी देने का सही समय क्या है इसका ध्यान रखना आवश्यक है। पौधा लगाने के बाद वाटरिंग केन से पानी देते समय मिटटी को पूरा गीला करदें। दूसरी बार पानी तभी दें जब ऊपर की मिटटी एक से डेढ़ इंच तक सूख जाये। 3) दो गमलों के बीच  मे  दूरी होनी चाहिए जिससे इनके बीच हवा का प्रवाह सही रहे साथ ही पौधे को विकास करने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके ।  परन्तु गर्मियों मे पौधों को पास पास रखे जिससे उनके बीच नमी बनी रहती है। 4) समय समय पर गुड़ाई करें। 5) गमले को थोड़ी ऊंचाई पर रखे जिससे ड्रेन ह...

Kitchen Gardening (Part 3)

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पार्ट 2 मे पोषक तत्वों के प्रयोग के बारे मे जाना था और इस पार्ट मे गमलों का चुनाव कैसे करें और कहाँ पर रखे जाते है। सही गमले का चुनाव ही किचन गार्डनिंग को सफल बना सकता है गलत गमले का चुनाव पौधे की सुंदरता और ग्रोथ दोनों को खत्म कर देता है। गमला चुनते समय कुछ बातों को जानना जरुरी है जैसे- गमले मे अतिरिक्त पानी निकलने के लिए पर्याप्त जगह है या नहीं, पौधों के विकास होने के लिए गमले की पर्याप्त लम्बाई चौड़ाई है या नहीं, गमले का चुनाव पौधों के अनुकूल है या नही साथ ही गमले का चुनाव करने के साथ गमले रखने के सही स्थान का भी चुनाव अवश्य करे जिससे आपके घर मे किसी प्रकार की सीलन और कीड़े ना हो। अब बारी आती है कि आप गमला कहाँ पर रखते है और किस प्रकार के गमले प्रयोग करना चाहते है। गमले अनेक प्रकार के material के बने होते है जैसे - earthen pot, cement pot, plastic pot, grow bag, ceramic pot, & basket मिटटी के गमले प्रयोग मे सबसे अच्छे होते है। इनकी बाहरी पर्त मे बारीक़ छेद होते है जिनमे से हवा पास होती है। मिटटी मे नमी बनी रहती है और roots का विकास होता है जिससे पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है। आप for...

Kitchen Gardening (Part 2)

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पहले पार्ट मे मिटटी को तैयार करने के लिए जिन पोषक तत्वों का प्रयोग किया गया था उन का प्रयोग करने से पूर्व यह जानना जरुरी है कि इनका क्या उपयोग है और यह प्लांट की ग्रोथ मे कैसे काम करते है- कोकोपीट - इससे मिटटी मे नमी बनी रहती है, परन्तु कोकोपीट का प्रयोग करने से पहले उसको पानी मे भिगो कर अच्छी तरह से वाश कर ले उसके बाद ही उसका प्रयोग करें। इसे मिटटी रहित पौधारोपण के लिए भी प्रयोग किया जाता है। रिवर सेंड - यह मिटटी को नमी देने के साथ साथ पानी को रोक कर (retain) रखती है। परन्तु ज्यादा मात्रा मे मिलाने पर यह कभी कभी मिटटी को जाम कर सकती है। इसीलिए एक निश्चित मात्रा मे इनका प्रयोग किया जाता है। नीम केक - यह नीम के पेड़ की फल और गुठलियों से बनता है। जो पेस्टिसाइड और पौधों मे सूक्ष्म पोषक तत्वों के रुप मे काम करता है तथा मिटटी को स्वस्थ्य बनाता है। बोनमील - यह जानवरों की हडियों से बनाया जाता है जो पौधों मे फास्फोरस के स्तर को बढ़ता है तथा कैल्शियम प्रदान कर जड़ों का विकास करता है। चूना - मिटटी की अम्लीयता कम करने तथा उसे पौधा लगाने के अनुकूल छारीय बनाने के लिए किया जाता है। मटर, बीन्स, टमाटर, प...

Kitchen Gardening (Part 1)

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आज सभी आर्गेनिक भोजन करना चाहते है ऐसे मे हम  थोड़ी सी देखभाल, थोड़ा सा प्यार और थोड़ी सी मेहनत से घर मे ही सब्जियां, फल व फूल उगा सकते है। इससे न केवल वातावरण शुद्ध होता है बल्कि आर्गेनिक सब्जियां भी मिल जाती है जोकि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी होती है।  इसके लिए एक अच्छी और हेल्थी मिटटी की आवश्यकता होती है तो सबसे पहले अच्छी मिटटी तैयार करते है।  जब जमीन मे पौधारोपण किया जाता है तो उसमे पहले से ही पोषक तत्व होते है परन्तु जब गमलों का प्रयोग करते है तो ऊपर से पोषक तत्व डालने होते है। जब पौधे नार्मल मिटटी मे लगा दिए जाते है तो शुरु मे तो पौधों का विकास होता है परन्तु बाद मे उनका विकास रुक जाता है और विभिन्न प्रकार की बीमारियां लग जाती है इसीलिए मिटटी को healthy बनाना आवश्यक है। मिटटी स्वस्थ्य और पोरस होनी चाहिए जिसमे वाटर लॉकिंग ना हो और पानी अच्छी तरह से निकल जाये। किसी भी प्रकार की मिटटी हो सबसे पहले उसको एक दिन की धूप दिखा दे जिससे उसके कीड़े मकोड़े व चींटिया निकल जाएँ। अच्छी मिट्टी तैयार करने के लिए निम्न सामग्री की आवश्यकता होती है- सामग्री मिटटी, कोकोपीट, कम्पोस्ट, र...

जीवन वीणा

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यह ब्लॉग लिखते हुए मुझे १ बर्ष व्यतीत हो गया है। समस्त सुधि पाठकों को मेरा कोटि कोटि धन्यवाद। आप सबने मेरा ब्लॉग पढ़ा और अपने बहुमूल्य सुझाव एवं विचार व्यक्त कर मेरे उत्साह एवं ज्ञान में वृद्धि की। इस कोरोना महामारी के दौरान भी आप सब निरन्तर मेरा ब्लॉग पढ़ते रहे। आप सबने मेरी जीवन वीणा को नए सुर एवं मधुरता प्रदान की और उससे निकलने वाले संगीत को धेर्ये पूर्वक सुना। आप सब के सहयोग से ही मैं अपने ब्लॉग को गति प्रदान कर पायी हूँ और अपनी जीवन वीणा को मधुर स्वरों से सजा पा रही हूँ। आशा करती हूँ कि आगे भी आप मुझे सहयोग प्रदान करते रहेंगे। पुनः आप सब का बहुत बहुत आभार। यह एक ऐसी सुन्दर कहानी ह [जो मैंने कभी सुनी थी], जिसने मुझे बहुत कुछ सोचने के लिए विवश किया और मेरी जीवन धारा को एक नया मोड दिया। उसे मैं आप तक पहुंचना चाहती हूँ। ” एक घर मे बहुत दिनों से एक वीणा रखी हुई थी। पीढ़ीओं पहले कभी कोई उस वीणा को कोई बजाता होगा। परन्तु अब ना ही कोई उसे बजाता था और ना ही उसकी धूल साफ की जाती थी। कभी कभी कोई बच्चा खेल खेल मे उसके तार छेड़ देता था तो घर के लोंगो को वह शोर लगता था और वे नाराज हो जाते थे। जब कभ...

परिवर्तन और मानसिकता

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एक आदमी रेगिस्तान से गुजरते समय बुदबुदा रहा था ,कितनी बेकार जगह है बिलकुल भी हरियाली नहीं है और हो भी कैसे सकती है। यहाँ तो पानी का नामोनिशान भी नहीं है। तपती रेत में वो जैसे जैसे वो आगे बढ़ता जा रहा था उसका गुस्सा भी बढ़ता जा रहा था। फिर वो आसमान की तरफ देख कर झल्लाते हुए बोला - क्यों भगवान? आप यहाँ पानी क्यों नहीं देते? अगर यहाँ पानी होता तो कोई भी यहाँ पेड़-पौधा उगा सकता था और तब यह जगह भी कितनी खूबसूरत बन जाती। ऐसा बोल कर वह आसमान की तरफ की तरफ ही देखता रहा मानो वो भगवान के उत्तर की प्रतीक्षा कर रहा हो! तभी एक चमत्कार होता है, नज़र झुकाते ही उसे सामने एक कुआँ नज़र आता है। वह उस इलाके में बरसो से आ-जा रहा था पर आज तक उसे वहां कोई कुआँ नहीं दिखा था, वह आश्चर्य में पड़ गया और दौड़ कर कुएं के पास गया। कुआँ लबालब पानी से भरा था। उसने एक बार फिर आसमान की तरफ देखा और पानी के लिए धन्यवाद् करने की बजाय बोला - "पानी तो ठीक है लेकिन इसे निकालने के लिए कोई उपाए भी तो होना चाहिए!" उसका ऐसा कहना था की उसे कुएं के बगल में पड़ी रस्सी और बाल्टी दिख गयी। एक बार फिर उसे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ।...

न्याय प्रभु का

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दो बहुत ही गहरे मित्र थे राम और श्याम । एक दिन वो दोनों मंदिर की सीढ़ियों पैर बैठ कर बातें कर रहे थे। तभी वहां पर एक अन्य व्यक्ति महेश आया और तीनो आपस में गपशप करने लगे। बात करते करते शाम हो गयी। तभी महेश ने कहा उसे भूख लगी है। राम और श्याम कहने लगे की भूख तो उन्हें भी लगी है। तभी राम बोला उसके पास 3 रोटी है और श्याम बोला उसके पास 5 रोटी है। चलो सब मिलकर रोटी खा लेते है। परन्तु, प्रश्न यह उत्पन्न होता है कि 8 रोटी 3 लोगों मे कैसे बाटी जाएँ? राम ने कहा कि हम प्रत्येक रोटी के तीन टुकड़े कर लेते हैं। इस तरह हमारे पास २४ टुकड़े हो जायेंगे और हम इन टुकड़ो को ८ टुकड़ो के हिसाब से आपस मे आसानी से बाँट सकेंगे। सब को राम की सलाह पसंद आयी। उन्होंने रोटी खाई और वहीँ मंदिर की सीढ़ियों पर ही सो गए। जब सुबह हुई और महेश उनसे विदा लेकर जाने लगा तो उसने कहा आप दोनों ने मेरी भूख मिटाई है। मैं आपको 8 सोने के सिक्के देना चाहता हूँ। ये लो 8 सोने के सिक्के इनको आपस में बाँट लो। राम ने कहा चलो 4- 4 सिक्के आपस में बाँट लेते है। परन्तु श्याम ने कहा ऐसे कैसे? मेरी तो 5 रोटी थी, अतः मुझे 5 सिक्के मिलने चाहिए। इस बात प...

मुझसे ना हो पायेगा

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'मुझसे ना हो पायेगा' बस इतना कह पाना दुनिया का सबसे बड़ा सच और सबसे मुश्किल काम है … अगर कोई हिम्मत करके कह भी दे… तो हम इस सच को स्वीकार ही नहीं करते है और सोचते है कि जरुर इसके पीछे ऐसा कोई कारण होगा जिसको यह हमें बताना नहीं चाहता है अथवा हमारा काम करना ही नहीं चाहता है। परन्तु उसके ऐसा करने के पीछे क्या वजह है हम समझना ही नहीं चाहते है। शायद उस वजह को समझना मुश्किल होता होगा। बार बार कहने पर भी जब वह काम करने के लिए तैयार नहीं होता है तो यह मान लेते है कि वह जिद्द कर रहा है। जबकि यह उसकी जिद्द नहीं बल्कि उसकी असमर्थता है जिसे वह बता नहीं पा रहा है। उसके चेहरे पर आने वाले भाव उसकी असमर्थता को वखान करते है। परन्तु हम उस भाव को समझना ही नहीं चाहते है क्योंकि भाव को समझना बेहद मुश्किल होता है। 'तारे जमींन पर' फ़िल्म मे भी वह छोटा बच्चा सही अक्षर लिखने मे असमर्थ था और बार बार अपनी हरकतों और अपने गुस्से से अपनी बात को समझाने का प्रयास कर रहा था कि वह अपने दादा जितना होशियार नहीं है, नहीं कर सकता है वो वह सब काम जो उसका दादा करता है। मगर नहीं… कोई भी उसकी बात को समझने के लिए ...