Kitchen Gardening (Part 2)
पहले पार्ट मे मिटटी को तैयार करने के लिए जिन पोषक तत्वों का प्रयोग किया गया था उन का प्रयोग करने से पूर्व यह जानना जरुरी है कि इनका क्या उपयोग है और यह प्लांट की ग्रोथ मे कैसे काम करते है- कोकोपीट - इससे मिटटी मे नमी बनी रहती है, परन्तु कोकोपीट का प्रयोग करने से पहले उसको पानी मे भिगो कर अच्छी तरह से वाश कर ले उसके बाद ही उसका प्रयोग करें। इसे मिटटी रहित पौधारोपण के लिए भी प्रयोग किया जाता है। रिवर सेंड - यह मिटटी को नमी देने के साथ साथ पानी को रोक कर (retain) रखती है। परन्तु ज्यादा मात्रा मे मिलाने पर यह कभी कभी मिटटी को जाम कर सकती है। इसीलिए एक निश्चित मात्रा मे इनका प्रयोग किया जाता है। नीम केक - यह नीम के पेड़ की फल और गुठलियों से बनता है। जो पेस्टिसाइड और पौधों मे सूक्ष्म पोषक तत्वों के रुप मे काम करता है तथा मिटटी को स्वस्थ्य बनाता है। बोनमील - यह जानवरों की हडियों से बनाया जाता है जो पौधों मे फास्फोरस के स्तर को बढ़ता है तथा कैल्शियम प्रदान कर जड़ों का विकास करता है। चूना - मिटटी की अम्लीयता कम करने तथा उसे पौधा लगाने के अनुकूल छारीय बनाने के लिए किया जाता है। मटर, बीन्स, टमाटर, प...