जल तरंग
ये तो हम सभी जानते है कि जल प्रदूषण क्या है और इसके क्या कारण रहे है और क्या परिणाम हो सकते है। सोचना यह है कि क्या कोरोना वायरस ने भी जल प्रदुषण मे अपनी भूमिका का निर्वहन किया है। क्या कोरोना की वजह से जल प्रदुषण कम हुआ है। शायद हाँ , इस वायरस के कारण जल प्रदुषण पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है।
उधोगो के बंद होने के कारण उनसे निकलने वाले रासायनिक पदार्थो मे कमी आई साथ ही पानी मे निस्तारण की जाने वाली गंदगी मे कमी आयी है। जिसका परिणाम यह हुआ कि पानी के नीचे की सतह दिखाई देने लगी और पानी का रंग भी बदलने लगा , जलीय जीवों की गतिविधिया भी दिखाई देने लगी।
क्या आपने कभी जल तरंग को सुना है, कभी आंख बंद करके उसका आनद लिया है यदि नहीं तो कभी सुन कर देखे कितनी मधुर कितनी शांत ध्वनि। यह जल तरंग आपको उस स्वप्न लोक में ले जाती है जहाँ जलचर इस तरंग की लय पर नृत्ये कर रहे होते है , जल वनस्पतियां ताल दे रही होती हैं और उठती गिरती पानी की लहरें ताल से ताल मिला रही होती है, क्या यह सब हम अपनी खुली आँखों से देखना नहीं चाहेंगे।
जब बारिश की बूंद जमीन पर गिरती तो क्या आपने उनकी ताल, लयवधता, और छनछन की आवाज का आनंद लिया है , उसको महसूस किया है यदि नहीं तो इस बारिश मे महसूस करके देखिएगा। सोचियेगा क्यों हमारा मन आज भी बारिश के पानी मे भीगने का करता है।
क्यों ? बारिश का पानी गिरते ही चारों तरफ हरियाली छा जाती है? क्यों बारिश के मौसम का इंतजार बच्चों को ही नहीं बड़ो को को भी रहता है, कयोंकि बारिश की फुहार के बीच तो जंगल भी नृत्य करने लगता है। क्या अपने जंगल को नृत्य करते देखा है? सभी पशु पंछी इस समय नृत्य करने लगते है , चारों तरफ हरियाली छा जाती है यही जंगल का नृत्य है। बारिश का पानी साफ , खनिज पदार्थो से भरपूर होता है जो शरीर को ही नहीं आपकी आत्मा तक को भी तृप्त कर जाता है
यह एक स्वप्न लोक की तरह दिखाई देता है। जिसमे हम अपनी आँख खोलना नहीं चाहते है , सोचते है काश हमेशा ही ऐसा ही बना रहे। परंतू क्या ऐसा हमेशा बना रहना संभव होगा, शायद नहीं। जैसे ही वायरस विदा होगा मनुष्य की गतिविधियां साकार रूप लेना प्रारम्भ कर देंगी और फिर वही जल प्रदुषण और उसकी वजह से जलीय जीवों की मौत का सिलसिला।
परन्तु यदि हम चाहे तो इस स्तिथि को आने से रोक सकते है थोड़ी सी समझदारी , मेहनत और इच्छा शक्ति के माध्यम से। उधोग रासायनिक पदार्थो के रिसाव को पानी मे न जाने दे छनन प्रक्रिया के द्व्रारा हानिकारक अवशेष को अलग कर द। कूड़ा कचरा या अन्य प्रकार की गंदगी को पानी मे न जाने दे।
जो भी गांव या शहर नदी या समुद्रे के किनारे है वहां पर डस्टबिन रख दे जिससे उनके अंदर खाली पैकेट , बोतल डाली जा सके। उनके किनारे वस्त्रों को न धोये। यह सब हमे अपनी जिम्मेदारी से करना होगा सरकारी संस्थाए नियम बना सकती है, जुरमाना लगा सकती है, जागरूकता कार्येक्रम चला सकती है परन्तु हमे अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए हमे स्वयंभू बनना होगा ।
यदि हम ऐसा ही वातावरण चाहते है तो प्रण ले कि जल के अंदर गंदगी को प्रवाहित नहीं करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे।अपने शहर मे ,अपने आसपास ऐसी समिति बनाये जो जल प्रदूषण कम करने के लिए प्रयास रत रहेगी। हमे इस कोरोना वायरस का शुक्रिया कहना चाहिए जिसने हमे एक ऐसे जगत से रूबरू कराया जिसको शायद हमने अपने बचपन में देखा भी हो परन्तु आने वाली पीढ़ी और वर्तमान पीढ़ी के लिए कल्पना मात्र है।
कोरोना वायरस यदि मानव जाति के लिए हानिकारक है तो प्रकृति के लिए लाभदायक है, इसने हमे बहुत सारी चीजों को उनके प्राकर्तिक रूप मे दिखाया है और बताया है कि यदि हम अभी भी जल प्रदुषण को नहीं रोकते है तो भविष्य मे इसी प्रकार के वायरस उत्पन होते रहेंगे और मानव जाति का विनाश होता रहेगा। यदि हमे आपने अस्तित्व बनाये रखना है तो जल को प्रदूषित होने से बचाना होगा और आने वाली पीढ़ी के लिए यही सबसे अच्छा उपहार होगा। इसके लिए हमे स्वयं प्रयत्न करना होगा जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी भी उन्हें उनके वास्तविक रूप मे जान सके।
जय हिन्द ||

Great information I will also take care of the water and insure that the water remain clean around me in every circumstances
ReplyDeleteइस लेख ने प्रकृति से रू-ब-रू करा दिया।
ReplyDeleteबबीता जी भविष्य में भी आप इस तरह से लिखते रहिए और युवाओं का मनोबल बढ़ाते रहिएगा
प्रो0 मीनू अग्रवाल
“Thank you so much for sharing all this wonderful info with the how-to’s!!!! It is so appreciated!!!”
ReplyDeleteबहुत सुन्दर लेख
ReplyDeleteप्रकृति से जोड़ता हुआ, जल तरंग की मधुर ध्वनि से ओतप्रोत बहुत सुंदर आलेख।
ReplyDeleteVery well written. You have rightly highlighted the need for reduction in water pollution. You way of putting across your argument is amazing.
ReplyDeleteGood article on water conservation/ environment protection.....!
ReplyDeleteGood article on environment
ReplyDeleteNicely written.
ReplyDeleteउत्तम व्याख्या
ReplyDeleteGreat article with great insight... keep it up mam...my best wishes are always with you 🙏..
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteVery nice mam
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ReplyDeleteReally the article is well written by you on water pollution, it would be helpful to protect the environment.....! Dr OVS Thenua, Associate Professor, Agronomy
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ReplyDeleteबबिता जी आप जितनी अच्छी अर्थशास्त्र की प्रोफ़ेसर है,, उस से कहीं ज्यादा ऊंदा लेखिका भी है।
ReplyDeleteइसी तरह लिखते रहे आप, और हम सब का मनोबल बढ़ाते रहें।
मेरी शुभकामनाएं आपके साथ सदैव है।🙏🙏