Who Moved My Cheese ?
इस कहानी मे चार पात्र है Sniff, Scurry (जो कि चूहे है), Hem और Haw (जो कि बौने है) । उन्होंने एक ऐसी जगह ढूढ़ ली जहाँ पर बहुत सारी cheese है। चारों प्रतिदिन cheese खाते और उसका आनन्द लेते थे।
Sniff और Scurry दोनों cheese का आनंद लेते समय अपने आसपास होने वाले परिवर्तन और उसकी मात्रा का भी ध्यान रखते ह। जबकि Hem और Haw केवल वर्तमान में रहते हुए cheese का ही आनंद लेते थे।
एक दिन वो वहां पहुंचे तो देखा कि cheese खत्म हो गयी है। Sniff और Scurry cheese की तलाश मे नयी जगह पर चले गये। जबकि Hem और Haw बेहद परेशान हो गये। उन्होंने वही अपने आसपास cheese को तलाशना शरू कर दिया और ना मिलने पर दूसरों को दोष देने लगे। प्रतिदिन वो उसी जगह पर खोज करते और नाराज़ होते।
एक दिन Haw ने कहा कि शायद Scurry, Sniff नयी cheese की खोज मे चले गये है। हमे भी नयी cheese की खोज मे जाना चहिये। Hem ने कहा उसे कही नहीं जाना है। एक दिन उसकी cheese यहीं पर आएगी। Haw ने कहा हम इतने दिनों से कोशिश कर रहे है परन्तु कुछ नहीं हुआ है। हमे भी उसकी खोज मे जाना चाहिए। परन्तु Hem ने मना कर दिया उसने कहा यदि Haw जाना चाहता है तो वह चला जाये।
Haw स्वयं cheese की खोज मे चला गया। रास्ते मे उसे cheese के कुछ छोटे छोटे टुकड़े मिले, वह उनको खाता रहा परन्तु उसे cheese का ढेर कही नहीं मिला। उसने सोचा कि यदि इस रास्ते पर उसे cheese का कोई ढेर नहीं मिल रहा है तो उसे नए रास्ते पर जाना चाहिए। परन्तु नए रास्ते पर जाने से वो डर भी रहा था।
यह सोच कर कि उसे एक दिन पहले से भी बड़ा cheese का ढेर मिल जायेगा उसका डर कम होने लगा। तभी Haw को बड़ा सा पहाड़ नज़र आया वह दौड़ कर उस तक गया तो वह cheese का बड़ा सा पहाड़ था, उसकी उम्मीद से भी बड़ा। वह खुशी से चिल्लाने लगा , तभी उसे वहां पर Sniff और Scurry नज़र आये। Hem को अभी भी Haw का इंतज़ार था, तभी एक आहट के साथ उसने महसूस किया कि Hem भी आ गया है।
-Dr. Spencer Johnson की प्रसिद्ध पुस्तक
यह कहानी हमे तीन प्रकार के मानवीय मनोविज्ञान को बताती है -
- Sniff और Scurry जैसे लोगो के लिए समस्या और समाधान दोनों सिंपल है। वो over analysis नहीं करते है observe करते है और जैसी समस्या आती है उसी के अनुसार हल खोज लेते है।
- Hem जैसे लोग हमेशा comfort zone मे रहते है। वो परिवर्तन को स्वीकार ही नहीं करते है। उनके लिए जो past था वही सबसे अच्छा है। ऐसे लोग परेशान रहेंग, निराश रहेंगे परन्तु नए अवसरों की खोज नहीं करेंगे।
- Haw जैसे लोग समझते है कि जो अवसर चला गया वो अच्छा था। उस अवसर के चले जाने से वो दुखी है, फिर भी परिवर्तन को स्वीकार करके past का analysis करते है और समझने की कोशिश करते हैं कि शायद भविष्य इससे भी अच्छा हो। परन्तु नए अवसरों की खोज करने मे डरते भी है। वो डर को कम तो करना चाहते है और स्वयं को समझाते है शायद इससे अच्छा अवसर उनका इंतजार कर रहा हो। अंततः नए अवसरों की खोज मे नए रास्ते पर निकल जाते है जहाँ पर उन्हें पहले से भी अच्छा अवसर मिल जाता है।
Moral of the story -
- Solution to any problem is simple if you are observing and analysing continuously.
- अगर past से ही चिपके रहेंगे तो नए अवसर नहीं मिलेंगे |
- Comfort zone से बाहर आने मे fear of failure तो है और यदि इसको कम करके नए अवसरों की खोज करते है तो पहले से भी अच्छा अवसर मिलेगा।
जिंदगी परिवर्तनों से बनी है कुछ परिवर्तन हमे सफलता दिलाते है तो कुछ परिवर्तन सफल होने के गुण सिखाते है। समस्यां इतनी ताकतवर नहीं होती है जितना हम उन्हें मान लेते है, कभी सुना है कि अंधेरों ने सुबह न होने दी हो।

Very nyc blog, thnx for sharing.
ReplyDeleteVery nice 👍
ReplyDeleteWell articulated and solicitously written. Please continue writing.
ReplyDeleteSimple and important moral, looking forward to read more.
ReplyDeleteWah, Bahut hi badhiya lekh
ReplyDeleteNice blog
ReplyDeleteGreat story and analysis... keep it up 👍
ReplyDeleteGreat well done...👍
ReplyDeleteVery well analysis
ReplyDeleteVery nice story. Most of the things to learn from the story. Thanks for sharing with us.
ReplyDeleteYou ve explained the nature of people in a Phenomenal way ☺️
ReplyDeleteVery well re created re crafted inspiring so involving
ReplyDeleteGood one, very relevant for present times
ReplyDeleteNice mam
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ReplyDeleteVery interesting and motivational story!!
ReplyDeleteVery nice story
ReplyDeleteInteresting piece of work.
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