राजा और उसका नाई


राजा के यहाँ एक नाई प्रतिदिन हजामत बनाने आता था। वह राजा का मुँह लगा था। वह प्रतिदिन सोचता था कि मैं तो रोज आता हूँ और मंत्री तीन चार दिन में एक बार आता है और अपनी सलाह देकर चला जाता है। यह काम तो मैं भी कर सकता हूँ। 

वह राजा से यही बात कहता था। एक दिन उसने फिर राजा से यही बात कही, उस दिन राजा बेहद खुश था। राजा ने कहा ठीक है "मैं तुम्हे मंत्री बना दूंगा परन्तु मंत्री बनाने से पहले तुम दोनों को एक काम दूंगा, जो उसको कर देगा वही मंत्री होगा।" 

राजा ने नाई से कहा "बंदरगाह पर एक जहाज खड़ा है जाकर पता करो कहाँ से आया है और क्यों आया है?" नाई बोला महाराज इसमें क्या मुश्किल है? मैं अभी पता करके आया। नाई गया और तुरंत वापिस आकर बोला कि "जहाज फ्रांस से आया है और कल से खड़ा है।" 

राजा ने फिर कहा "यह तो पता करो क्यों आया है", नाई फिर गया और तुरंत वापिस आकर बोला "महाराज जहाज मे मॉल लदा हुआ है और यहाँ पर बेचने के लिए आया है।" राजा उसको बार बार बातें बताता और वह उतनी ही बात पता कर के आ जाता। 

अब, राजा ने मंत्री को बुलाया और कहा "देखो बंदरगाह पर एक जहाज खड़ा है, जरा उसके बारे मे पता करो। कहाँ से आया है और क्यों आया है?" मंत्री ने कहा "ठीक है महाराज मैं पता करता हूँ।" 

मंत्री अगले दिन आया और बोला "महाराज! जहाज फ्रांस से आया है और उसमें रुई लदी हुई है। १५ दिन यहाँ पर रुकेगा और अपना मॉल बेच कर चला जायेगा। राज्य के नियमानुसार उसने अपना कर चुका दिया है। राज्य को उससे डरने की कोई आवश्यक्ता नहीं है। वह मित्र भाव से आया है।" 

नाई को पता चल गया था कि उसमें और मंत्री में क्या अंतर है। 


अब विचार करते हैं

क्या वास्तव में अपना काम मुश्किल और दूसरों का काम आसान होता है? नहीं, किसी भी काम का आसान या कठिन होना इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसको किस नजरिये से देख रहे हैं। 

हम उसका वही पक्ष देखते हैं जो आसान होता है और जिसे हम देखना चाहते हैं परन्तु उसका जो मुश्किल पक्ष होता है उसको छोड देते हैं। यह नहीं देखते हैं कि हम उस काम में कितने निपुण हैं और हमारे लिए उस काम का कितना महत्व है। 

जैसे, किसी को उपदेश देना आसान होता है परन्तु उसी उपदेश को अपने जीवन मे उतारना उतना ही मुश्किल होता है। किसी के चोट लगने पर हम कहते हैं कोई बात नहीं ठीक हो जाएगी, परन्तु अपने चोट लगने पर रोना शुरु कर देते हैं क्योंकि वह चोट हमारे अपने लगी होती है। 

ठीक इसी तरह, हम हमेशा यही सोचते है कि हम जो काम कर रहे हैं वही सबसे मुश्किल है और दूसरों का काम आसान है। 

अतः किसी के भी कार्य के बारे मे सलाह देने या कार्य को आसान बताने से पहले सोचे कि हम उस कार्य मे निपुण हैं या नहीं या उस कार्य के मुश्किल पक्ष क्या हैं? उसके बाद ही उस कार्य के बारे में आंकलन करें। 

"जिसका काम उसी को साजे और करे तो..."

Comments

  1. Very well said and nicely presented.

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  2. Absolutely right

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  3. Nicely written

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  4. Great article, every work is important only we have to realise that how much important our work that we are doing.
    Mukul

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  5. हर व्यक्ति को दूसरे की थाली में ज्यादा लड्डू नजर आते हैं।
    प्रो0 मीनू अग्रवाल

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  6. जिसका काम उसी को साजे ...

    Absolutely right

    Dr. Shailendra Bhushan Sharma

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  7. Yes well sad..." Jiska kaam usi ko saje... "

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  8. "जिसका काम उसी को साजे !
    कोई और करे तो डंडा बाजे !!"

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  9. Similar to Manager and labour story

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  10. इतनी महत्वपर्ण बात को इतनी सरलता से समझा दिया। वाह!

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  11. Very nice blog mam. Excellent.

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  12. Very nice blog mam. Excellent.

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  13. Very nicely explained in simple understanding words

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  14. Well said..nice story

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  15. Bahut achchi story mam👏👏

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  16. Excellent story mam.Her person ka alg work hota h jo jes work m Maher h vo vhe kr skta h.

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  17. Absolutely right.
    We feel the other's job is easier. When it comes on you, only then do you understand.
    दूर के ढोल सुहावने लगते हैं।

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  18. Bhaut hi badiya seekh di hai aapne supab👌👌👌👌👌👌

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  19. WE SHOULD TAKE A LESSON THAT EVEY WORK HAS THEIR IMPORTANCE... WE SHOULD RESPECT OTHERS EFFORT...

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  20. Beautifully explained, 🎓🎓dolly

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  21. Vinay Gupta.
    This is a very nice story depicting how people think about others' work. People feel thay work done by others is much easier.
    Why go far, even in many homes, the husband consider their wife's work very easy but when they actually get down to doing their work they feel how difficult it is even to plan running the house smoothly.
    We need to respect every one's work to be equally important, necessary and needing efforts with requisite knowledge and skill.
    Thanks for sharing such a nice story explaining all this with such simplicity.

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  22. बहुत ही सुन्दर

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  23. बहुत ही सुन्दर

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  24. Comparison is the thief of joy...
    जीवन में कभी किसी से अपनी तुलना मत कीजिए, आप जैसे है सर्वश्रेष्ठ है।
    ईश्वर की हर रचना अपने आप में सर्वोत्तम है।
    ������

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  25. Beautiful 👍👍 👍👍 👍👍 👍

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  26. Very nice story ��������������

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  27. Right hume hamesha dusro ka kaam aasan lagta h

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  28. Right hume hamesha dusro ka kaam aasan lagta h

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  29. Nice and so true ma'am ... Your collections are awesome and always have a deep meaning or moral hidden inside 🙏👍

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  30. Absolutely right.

    Jiska kaam usiko saaje

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  31. Very nice��

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  32. सरल शब्दों में बहुत सुंदर बात

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