Out-of-the-box Thinking

“A peaceful mind can think better than a worked-up mind. Allow a few minutes of silence to your mind every day, and see, how sharply it helps u to set your life the way you expect it to be” 

किसी गॉंव मे एक किसान रहता था। उसने गॉंव के जमींदार से काफी धन उधार लिया हुआ था। जमींदार बूढ़ा व कुरुप था। किसान की बेटी बहुत सुंदर थी साथ ही बहुत बुद्धिमान भी थी। 

किसान की बेटी को देख कर उसने सोचा कि किसान की बेटी से शादी कि जाय। यह सोच कर वह किसान की पास गया और बोला "तुम अपनी बेटी की शादी मेरे साथ कर दो मैं तुम्हारा सारा कर्ज माफ कर दूंगा।” 

जमींदार की बात सुनकर किसान ने कहा "चलो पंचायत की पास चलते हैं और वे जो निर्णय लेंगे हम दोनों ही उसको मान लेंगे।" 

वे पंचायत की पास गए और उन्हें सारी बात बताई। उनकी बात सुन कर पंचायत ने थोड़ा विचार किया और कहा "इसका फैसला नहीं किया जा सकता क्योंकि किसान ने उधार लिया हुआ है अतः इसका फैसला किस्मत पर छोड़ते हैं।" 

पंचायत ने फिर कहा "जमींदार सामने पड़े पत्थरों मे से एक सफेद और एक काले रंग का पत्थर एक थैले में रखेगा और लड़की बिना देखे ही थैले में से एक पत्थर उठाएगी".. इस आधार पर उसके सामने तीन विकल्प होंगे। 
  • अगर वो काला पत्थर उठती है तो उसे जमींदार से शादी करनी होगी और उसके पिता का सारा कर्ज माफ कर दिया जायेगा। 
  • अगर वो सफेद पत्थर उठाती है तो उसे जमींदार से शादी नहीं करनी पड़ेगी और उसके पिता का कर्ज भी माफ कर दिया जायेगा।
  • अगर लड़की पत्थर उठाने से मना करती है तो उसके पिता को जेल भेज दिया जायेगा और लड़की को जमींदार से शादी भी करनी पड़ेगी। 

जमींदार झुका और जमीन पर पड़े पत्थर उठाने लगा। जब वह पत्थर उठा रहा था तो लड़की ने देखा कि जमींदार ने दोनों काले रंग के पत्थर उठाये है और उन्हें थैले मे डाल दिया है। 

लड़की शुरु में तो घबराई फिर उसने विचार किया कि ऐसी स्तिथि मे वो क्या कर सकती है। उसे तीन उपाए नजर आये -
  • वो पत्थर उठाने से मना कर दे और अपने पिता को जेल जाने दे। 
  • वो सब को बता दे कि जमींदार ने दोनों काले रंग के पत्थर थैले मे डाले हैं और सबको धोखा दे रहा है। 
  • या फिर, वह चुप रह कर काला पत्थर उठा ले और अपने पिता को जेल जाने से बचाने के लिए जमींदार से शादी कर ले और अपना जीवन बलिदान कर दे। 

परन्तु उसे लगा कि ‘इन उपायों से कोई फायदा नहीं होगा’ क्योंकि लड़की जानती थी कि जिंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता है और मनचाहा पाने के लिए लीक से हटकर उपाय सोचना होगा। उसने फिर से शांत हो कर विचार किया और उसे एक उपाय सूझा। 

उसने थैले मे से एक पत्थर उठा लिया और पत्थर की ओर देखे बिना ही उसको नीचे गिरा दिया। अब उसका पत्थर हजारों पत्थरों मे मिल चुका था। 

लड़की आश्चर्ये मिश्रित दुःख के साथ बोली - "है भगवान ! मैं कितनी वेवकूफ हूँ”, लेकिन कोई बात नहीं आप लोग थैले के अंदर देख लीजिये किस रंग का पत्थर बचा है, तब आपको पता चल जायेगा कि मैंने किस रंग का पत्थर उठाया था जो मेरे हाथ से गिर गया था। 

थैले मे बचा हुआ पत्थर काले रंग का था, सब लोगों ने मान लिया कि लड़की ने सफेद पत्थर उठाया था और इस तरह लड़की ने अपने आप को और अपने पिता को जमींदार के चंगुल से बचा लिया। 

आओ विचार करें -

जब हमारे जीवन मे ऐसी कोई परिस्तिथी आती है तो क्या उस समय हमें अपना निर्णय किस्मत पर छोड़ देना चाहिए ? 

नहीं ! हमें थोड़ी देर शांति पूर्वक, उस समस्या के बारे मे सोचना चाहिए कि वो समस्या हमारे जीवन में कितनी प्रभावशाली है ओर उसी के अनुरुप निर्णय लेना चाहिए। जैसा की उस लड़की ने किया। 

ऐसी कोई समस्या नहीं होती जिसका हल ना हो, जरुरत इस बात कि होती है कि यह सोचा जाये कि उस परिस्तिथी मे लीक से हटकर क्या उपाय हो सकता है और उसके लिए हमें ज्यादा गहराई से सोचना होगा। जब तक हम गहराई से नहीं सोचेंगे तब तक सफलता को एन्जॉय नहीं कर सकते। 

If you can handle stress, you can handle success.

Comments

  1. शांत मन से विचार करने पर हम अनधेखे समाधान भी निकाल सकते हैं।
    बहुत सुंदर blog है।

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  2. Very interesting ant motivating story.. very nice

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  3. Very nice story mam ....”It teaches us not to do any wrk without thinking”.....👌👌

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  4. Nice suggestion through moral of the story

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  5. Vinay Gupta. It is a very nice story and the daughter could think of a novel idea only because she did not get perturbed or disturbed with the situation.
    This is very true. Just as if you want to see some object on the floor of a pool of water, you have to wait till all ripples are ever over and the water becomes still and clear. So long as there is movement in the water, the base is not clearly visible. In the same way, a mind can think clearly and imaginatively only when it is cool and there is no turmoil or anxiety in it.

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  6. Very true. First think than take action.
    Prof. Meenu Agrawal

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  7. Very motivating story ����

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  8. Wao mam...nyc article.. peaceful mind works really well

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  9. Very nice blog , it's really true we should think before we take any action

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  10. Great article and very inspiring, there is no doubt that we are continuously moving to achieve something and in order to achieve these things we forget to get the time for ourselves but your article again brings remembrance for us that how much important it is to give the time to yourself so that we can also solve our problem in a more effective way.

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  11. Very nice great story ,we should learn lot of things for this

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  12. Inspirational story ma'am....such stories make the article not only motivating bt also interesting. Dr. Binaca Agrawal

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  13. Great blog post thinking out of the box is essential for critical thinking.

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  14. Great articulation and effective way of problem solving

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  15. Inspiring story we must think before doing anything

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  16. nice article..

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  17. This story is useful in life

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  18. Good story to learn the importance of patience in life.

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  19. It's a very inspirational motivating story ......

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  20. समाज के विकारों में कोई बिरला ही समझदार ही बच पाता है। आम पीड़ित व्यक्ति इसे नियति समझ कर समर्पण कर देता है।
    सदियों से सच्चाई यही है ।
    समाज को बदलना है।

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  21. संयम से बुद्धि का इस्तेमाल करने वाले की जीत होती है

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  22. Anju, अशांत मन से समस्याआती है
    शांत मन से समाधान आता है

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  23. Osm moral story You have written mam

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  24. awesome blog mam

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  25. very nice story

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  26. Nice thought, really put of the box, Di superb

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  27. सचमुच धैर्य रखने पर शांत चित्त से लिया गया निर्णय ही समयानुकूल रहता है । सुंदर एवं प्रेरणास्प्रद कहानी ।

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  28. जिसने इतनी गूढ़ बात समझ अपने जीवन में उतार ली, उसीका जीवन सफल । वाह

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