मानव जीवन का मूल्य
प्रत्येक व्यक्ति सुखी तथा संतुष्ट जीवन जीना चाहता है और जब वह उस जीवन को प्राप्त नहीं कर पाता हैं तो उसे सबसे आसान तरीका यही समझ आता है कि जीवन ही समाप्त कर दिया जाये परन्तु वह यह नहीं जानता है कि जीवन समाप्त करने से सुख नहीं मिल सकता है। हमारा जीवन अनमोल होता है। अतः इसका मूल्य समझ कर ही हम अपना जीवन सुखी कर सकते हैं।
कहानी
एक व्यक्ति नदी किनारेआत्महत्या करने पहुंचा। पास में ही संत की कुटिया थी। संत सब देख रहे थे। वह कूदने वाला ही था कि संत ने आवाज लगाई 'ठहर'। उसने कहा रोको मत मुझे मरना ही है, जिंदगी बेकार है। यहाँ कुछ भी नहीं हैं। परमात्मा भी मुझसे रूठ गया है। सबको निहाल कर दिया है पर मुझे कुछ भी नहीं दिया है।
संत ने कहा "आज रात ठहर जा चाहे तो कल मर जाना"। संत की बात मान कर वह रात भर ठहर गया। प्रातः संत उसको लेकर राजमहल पहुंचे। राजा को सारा वृतांत सुनाया। फिर उसे कान में आकर बताया "राजा साहब को तुम्हारी आँख की जरुरत है ,एक आँख का एक लाख रुपया देंगे। दोनों दोगे तो दो लाख देंगे।" उसने कहा अगर में आँख बेच दूंगा तो देखूंगा कैसे ?
संत फिर राजा के पास गया। थोड़ी देर में लौट कर आये और बोले "यदि कान भी देते हो तो चार लाख देने को तैयार हैं। नाक भी दोगे तो पांच लाख देंगे।"
उसने कहा "क्या मतलब मैं आँख नाक कान सब बेच दूँ?" संत ने कहा "राजा साहब तो हाथ, पैर तक खरीदने को तैयार हैं।" तू चाहे तो सब का सौदा कर ले दस लाख दे देंगे।
अब वह चकराया कि मात्र शरीर की इतनी कीमत है। संत ने कहा "तूने कभी सोचा था कि जिस शरीर को इतनी आसानी से नष्ट कर रहा था वह कितना दुर्लभ है। लाखों करोड़ों लोग तुझसे भी बुरी हालत मैं होंगे।" क्या सभी इस तरह अपना जीवन नष्ट कर देंगे। उस व्यक्ति को समझ में आगया कि मानव जीवन बहुमूल्य है। उसने आत्महत्या का इरादा छोड़ दिया और संत का आशीर्वाद लेकर पुरुषार्थ मैं जुट गया।
प्रसन्नता वह औषधि है जो हर मर्ज को ठीक कर सकती है। उसे खरीदने के लिए कही नहीं जाना पड़ता है बल्कि वह अपने अंदर ही मिलती।

Wow, great story mam
ReplyDeleteV
DeleteNice ya jeevan anmol h
Deleteसुख और दुख एक ही सिक्के के दो पहलू है फिर भी मनुष्य दुख आते ही उसके भय से अपने इस अनमोल पञ्च इन्द्रिय जीवन को खत्म करने को तत्पर हो जाता है वो इस कार्य को करने के बाद आने वाले दुखदाई कल की नहीं सोचता कि उसके बाद उसके परिवार का क्या होगा ? बबीता जी आपने "जीवन कितना सुंदर है ,उसका मूल्य अनमोल है अगर आप के लिए बेकार है पर ओरो के लिए कीमती है उसका महत्व जानो "बहुत ही सरल शब्दों में समझा या है
ReplyDeleteAnju
Ye jeevan anmol h....isse vyarth nahi kerna chahiye
ReplyDeleteBahut hi Sundar tarike se aap ne Jeevan ke kimat ko samjhaya hai.Superb 👍👍👏👏
ReplyDeleteIt's true that Life is not easy but it's not impossible bcz happiness and sorrow are two aspects of life so we should tell our life happily thank you mam for this story bcz this story teach us
ReplyDeleteHme itna sundar manav k rup m janam milta h hme isme jeena chahiya ise vyarth nahi krna chahiye
ReplyDeleteSHIVANI
It's a very nice article we must know that our life is very precious and important we must love it
ReplyDeleteIt is very nice story ,Life is gift of god we don't want to sucide in any situation and understand our family need
ReplyDeleteBrilliantly written
ReplyDeleteNice ma'am
DeleteShivani
Nice story ma'am... beautifully explained the importance of life..Dr.Binaca
ReplyDeleteTrue
ReplyDeleteVery inspiring
ReplyDeleteNice explanation for importance of precious life
ReplyDeleteप्रसन्नता अनमोल है
ReplyDeleteBahut badhiya 👍 niceee
ReplyDeleteVery beautiful story
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteजीवित परमेश्वर, प्रत्येक जो उस पर विश्वास रखता है, से कहता है:
ReplyDelete"तू मेरी दृष्टि में अनमोल और प्रतिष्ठित है और मैं तुझ से प्रेम करता हूँ..."
-यशायाह 43:4 (पवित्र बाइबिल)
Everything is human or else nothing.
ReplyDeleteHuman life is very precious.
We should thank God that we got a human life.
Appealing story
ReplyDeleteOne should not be impulsive.
ReplyDeleteमानव जीवन अनमोल है।प्रसन्न रहकर इसकी हिफाजत करें।
ReplyDeleteबीना शर्मा
Very nice story👌👌
ReplyDeleteImportance of life has been nicely portrayed in above mentioned story. Keep inspiring us.
ReplyDeleteGood thoughts for saving the life
ReplyDeleteProf
Meenu Agrawal
Very inspiring and nice story
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