प्रतिकूलता में अवसर
जीवन मे किसी कमी का होना शर्मिंदगी नहीं होती बल्कि यह एक ऐसी प्रतिभा को जन्म देती है जो किसी को भी सबसे से अलग बनाती है। कमियों को स्वीकार करके ही व्यक्तित्व को नया आयाम दिया जा सकता है और एक ऐसी खूबी को विकसित किया जा सकता है जो व्यक्तित्व को निखार देती है। फ़िल्म 'तारे जमीन पर' ईशान के अंदर की कमी को उसके शिक्षक ने बड़े ही सुन्दर तरीके से दूर करके उसे स्कूल का सबसे होनहार छात्र बना दिया था। इसी तरह फिल्म एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने लकड़ी के पैरों के द्वारा डांस की दुनियां मे अपना नाम ऊँचा किया।
जीवन मे सफल होने के लिए कमी को स्वीकार करना होगा तथा उसे दूर करने के लिए प्रयत्न भी करना होगा तभी सफलता मिल सकती है।
किसी गांव में एक किसान रहता था। वह रोज़ सुबह दूर झरने से दो घड़े में पानी लेकर आता था। वह दोनों घडो को अपने एक एक कंधे पर लटका लेता था। इसमें से एक घड़ा फूटा हुआ था। जब किसान पानी लेकर घर पहुंचता था तो उसके पास केवल डेढ घड़ा ही पानी बचता था।
सही घड़े को इस बात का घमंड था कि वो पूरा का पूरा पानी घर पहुंचाता हैऔर उसके अंदर कोई कमी नहीं है। दूसरी तरफ फूटा हुआ घड़ा इस बात से शर्मिंदा था कि वो आधा पानी ही घर पहुंचा पाता है और किसान की मेहनत बेकार जाती है। फूटा घड़ा यह सब सोच कर परेशान रहता था और एक दिन उससे रहा नहीं गया। उसने किसान से कहा “मैं खुद पर शर्मिंदा हूँ और आपसे माफी मांगना चाहता हूँ।“
किसान ने पूछा क्यों? तुम किस बात से शर्मिंदा हो? फूटा घड़ा बोला, “शायद आप नहीं जानते पर मैं एक जगह से फूटा हुआ हूँ,और पिछले दो सालों से जितना पानी मुझे घर पहुँचाना चाहिए उसका आधा ही पानी घर पंहुचा पाया हूँ।“ मेरे अंदर ये बहुत बड़ी कमी है और इस वजह से आपकी मेहनत बेकार होती रहती है।
किसान को घड़े की बात सुनकर थोड़ा दुःख हुआ और वह बोला, कोई बात नहीं, मैं चाहता हूँ कि आज लौटते वक्त तुम रास्ते में पड़ने वाले सुन्दर फूलों को देखो। घड़े ने वैसा ही किया। वह रास्ते भर सूंदर फूलों को देखता हुआ आया। ऐसा करने से उसकी उदासी कुछ दूर हुई पर, घर पहुँचते-पहुँचते फिर उसके अंदर से आधा पानी गिर चुका था। वह और भी ज्यादा मायूस हो गया। वह फिर किसान से माफी मांगने लगा।
किसान बोला, शायद तुमने ध्यान नहीं दिया ,पूरे रास्ते में जितने भी फूल थे वो सब तुम्हारी तरफ ही थे। सही घड़े की तरफ एक भी फूल नहीं था। फूटे घड़े ने पूछा 'ऐसा क्यों?' किसान बोला 'ऐसा इसलिए, क्योंकि मैं हमेशा से तुम्हारे अंदर की कमी को जानता था, और मैंने उसका फायदा उठाया। मैंने तुम्हारी तरफ वाले रास्ते पर रंग बिरंगे फूलों के बीज वो दिए थे।
तुम रोज उन्हें धीरे धीरे सींचते रहे और पूरे रास्ते को इतना खूबसूरत बना दिया। आज तुम्हारी वजह से ही मैं इन फूलों को भगवान को अर्पित कर पाता हूँ और अपने घर को सुन्दर बना पता हूँ। तुम्हीं सोचो, अगर तुम जैसे हो, वैसे नहीं होते तो भला क्या मैं ये सब कर पाता?'
Moral
हम सभी के अंदर कोई न कोई कमी अवश्य होती है पर यही कमियां हमें अनोखा भी बनाती हैं। किसान की तरह हर किसी को जैसा वह है वैसा ही स्वीकार करना चाहिए,अच्छाई पर ध्यान देना चाहिए। जब ऐसा करेंगे तो फूटा घड़ा अच्छे घड़े से भी अच्छा हो जायेगा।
किसी स्थान पर प्रकाश की कमी को पूरा करने के लिए दीपक जलाया जाता है जिससे वह स्थान प्रकाशवान हो सके, परन्तु हवा चलने पर दीपक के बुझने की संभावना भी होती है। इसी प्रकार जीवन मे किसी शारीरिक कमी के होने पर निराशा की भावना उत्पन्न होने लगती है परन्तु उसे अपनी अन्य खूबियों से विकसित करना पड़ता है।
परन्तु दीपक केवल हवा से ही नहीं बुझता है बल्कि अपने अंदर तेल रुपी ऊर्जा की कमी से भी बुझ सकता है। इसी प्रकार यदि कमी को स्वीकार नहीं करेंगे तो अन्य खूबी विकसित नहीं हो सकती है। जिस तरह इस घड़े ने किसान के सामने अपनी कमी को स्वीकार किया और किसान ने उसकी इस कमी को एक खूबी मे बदल दिया और फूटा घड़ा साबुत घड़े से ज्यादा भाग्यशाली हो गया उसी प्रकार अपने व्यक्तित्व को इतना ऊँचा बनाना होगा की समाज हमें हमारी खूबियों से पहचाने ना की कमियों से।

बहुत सुन्दर
ReplyDeleteEncourage 👍
DeleteVery nice
ReplyDeleteNice moral story babita mam
ReplyDeleteIs this from Bhagwatam..?
क्या खूब लिखा है सुपर से भी ऊपर
ReplyDeleteVery nice 👍👍
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteNicely put down
ReplyDeleteInspiring story
ReplyDeleteNice ma'am
ReplyDeleteShivani sharma
Beautiful story....well said....Dr. Binaca
ReplyDeleteawesome 👌
ReplyDeleteBeautiful story mam
ReplyDeleteShivani
परमेश्वर ने मुझे एक उद्देश्य के लिए बनाया है।
ReplyDeletevery nyc
ReplyDeleteIt's very necessary to find ability in disabilities to go ahead in life ...this story tells the same ...nice story ma'am
ReplyDeleteVery true
ReplyDeleteBht sundar mam.very very inspiring article.
ReplyDeleteRightly placed concept in the context of Management. Alas! Whole system is refuting it. Such efforts and stories will definitely work. Most relevant and hits directly into Heart
ReplyDeleteVery interesting story and
ReplyDeleteMotivational story
Beautiful story always liked it and you have explained the concept of no one should feel we are less or ashmed of our drawbacks in a very simple manner. Connecting with Tare Jamin per is great
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteVery inspiring story
ReplyDeleteGood story
ReplyDeleteअति प्रेरणादायक कहानी,
ReplyDelete👌👌👌👌🙏🙏🙏🙏🙏
Very true👌
ReplyDeleteIt's too good
ReplyDeleteMoral is very inspirational.
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