छोटी शुरुआत
“सफलता कितनी भी बड़ी हो शुरुआत हमेशा छोटी ही होती है”
एक छोटी बच्ची तट पर बैठी हुई थी। अचानक एक लहर आयी और ढेरों मछलियों को उसने तट पर ला पटका। मछलियों को तडफ़ता देख उससे रहा नहीं गया। वह एक एक मछली को उठा कर वापिस समुद्र में फेकने लगी।
तभी वहां से एक राहगीर गुजरा। बच्ची के प्रयासों को देख कर वह उसके करीब गया और बोला 'बेटी, ऐसा करने से भला क्या फर्क पड़ेगा? पूरे तट पर हज़ारों मछलियां तड़फ रही हैं।' तुम कब तक इन मछलियों को समुद्र में फेकती रहोगी।‘ एक और मछली को समुद्र में फेकतीं हुई बच्ची बोली 'अंकल, इसको तो बड़ा फर्क पड़ेगा।'
इतनी छोटी शुरुआत करने से क्या होगा' राहगीर ने पुनः कहा। बच्ची ने कहा 'आप भी एक छोटी शुरुआत करें और एक मछली को समुद्र में फ़ेंक दें। तब छोटी शुरुआत बड़ी होने लगेगी।'
मेरे विचार से
जब छोटे छोटे मोतिओं को एक धागे में पिरोते हैं तो वह माला बन जाती है। यह होती है एक छोटी शुरुआत।
एक छोटा सा बीज जब मिटटी में लगाया जाता है तो वह धीरे धीरे विशाल वटवृक्ष बन जाता है और हज़ारों पक्षियों को बसेरा प्रदान करता है। यह होती है एक छोटी शुरुआत।
पहाड़ विशाल होता है और उस पर चढ़ना आसान नहीं होता है परन्तु रखे गए छोटे छोटे कदम विशाल पहाड़ की ऊंचाई को भी कम कर देते हैं।
छोटी सी शुरुआत ने दुनियां को चाँद पर पहुंचा दिया।
यह सोचना कि मेरे छोटे से प्रयास से क्या होगा? ऐसी छोटी सोच न रखे छोटी शुरुआत करें। छोटे छोटे कदम ही बड़ी सफलता की राह खोलते हैं। कभी भी झटके में सफलता नहीं मिलती हैं, छोटे छोटे कदम उठाते बढ़ाते ही मंजिल तक पहुँचते हैं।
कोई भी नयी क्रांति लाने के लिए छोटे छोटे प्रयोग किये जाते हैं और फिर होती है विशाल क्रांति की शुरुआत । अतः छोटी शुरुआत करते रहे क्योंकि प्रत्येक छोटी शुरुआत को तीन अवस्थाओं से होकर गुजरना पड़ता है - उपहास, विरोध और स्वीकृति। स्वीकृति ही छोटी शुरुआत की सफलता को बताती है।

किसी कार्य को शुरुआत है सबसे दुशकर कार्य है। दृढ़ निश्चय के साथ प्रारंभ किए कार्य में सफलता मिलना निश्चित है
ReplyDeleteAbsolutely right 👍👌👌👏👏
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteNice story 😊
ReplyDeleteOnly small steps open the way to great success.This is true.
ReplyDeleteSo man should never give up hope.
Never give up in your life.
ReplyDeleteAny unit reaches out of reach
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteProf. Meenu Agrawal
एक पुरानी घड़ी जो सालों से सही समय दिखा रही थी, करोड़ों बार टिक-टॉक, टिक-टॉक कर चुकी थी, नई घड़ी को सफलता का रहस्य बता रही थी:
ReplyDelete"बस हर सेकेण्ड एक बार टिक और अगले सेकण्ड टॉक करना है, और बिना रुके लगातार करना है।"
Nice ma'am
ReplyDeleteShivani sharma
Yes life ke har ek kaam ki surwat chote kam se hi hoti h
ReplyDeleteछोटी छोटी बातों से ही बडी बात बनती है।
ReplyDeleteबीना शर्मा
बहुत बढ़िया
ReplyDeleteNice thought
ReplyDeleteVery inspiring.
ReplyDeleteNice story we learn that one small think can change our life
ReplyDeleteSmall efforts can turn into a huge success through our positive approach. Nice learning.
ReplyDeleteExcellent and inspiring. Hope we will be getting many more such stories regularly. Best wishes .
ReplyDeletegood effort.
ReplyDeleteNice story mam.
ReplyDeleteHare Krishna
Sometimes due to busy ness or frustration, we all forget to implement these tiny lessons in our lives....your stories are a reminder for all about this....Thanx for sharing. Dr. Binaca Agrawal
ReplyDeleteAbsolutely right. Very nice story.
ReplyDeleteये प्रेरणा दायक घटना मुझे रामयण की वानरों द्वारा जब पुल का निर्माण किया जा रहा था, की याद दिलाती है जब उस समय एक नन्ही गिलहरी भी अपने को बालू में लपेट कर समुद्र में बालू को पथरों के बीच बार बार डाल के आती थी, तो उसने ये बताया था कि वह तों केवल भगवान श्री राम की सेवा में अपने सामर्थ्य के अनुसार लगी हुई है. छोटे छोटे प्रयास में सफलता की ही शुरुआत होती है.
ReplyDeleteVery nice story 👍
ReplyDeletevery nicely advised to do something big with small stepps, very nice story
ReplyDeleteVery interesting story
ReplyDeletenyc
ReplyDeleteMotivational message
ReplyDeleteVery impressive story maim
ReplyDeleteGood story man
ReplyDeleteSHIVANI DEVI
Correct. Drop by drop of water fill whole container
ReplyDeleteNice story mam
ReplyDeletetrue
ReplyDeleteVery true
ReplyDeleteवेरी गुड गुड
ReplyDeleteनमस्कार।
ReplyDeleteयह एक बहुत ही सुन्दर कहानी है जिससे हमें प्रेरणा मिलती है कि कोई भी कार्य नामुमकिन नहीं है। मंज़िल को बहुत ऊपर अथ्वा बहुत दूर दिखने पर हमें घबराना नहीं चाहिए और उसे पाने के लिए छोटे कदम से प्रारम्भ कर देना चाहिए। रास्ते में भी कठिनाइयों के बावजूद हतोत्साहित नहीं होना चाहिए।
यदि आप देखते हैं कि कोई पत्थर २०वें चोट पर टूटा है, तो इसलिए की उससे पहले की १९ चोटों ने अपना काम कर के उसे कमज़ोर बना दिया है।
स्वामी विवेकानंद ने भी कहा है कि किसी भी बड़े काम के लिए पहले अपनी यथा स्थिति को महसूस करें और फिर धीरे धीरे अपने मंज़िल की ओर बढ़ें।
Very good
ReplyDeleteInspirational story
ReplyDeleteVery nice story
ReplyDeleteSmall steps lead to great achievements ��
ReplyDeleteYour thoughts are very beautiful and motivational. Please keep posting such inspiring thoughts.☺️
Very nice
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