Trust the act of God


" मन का हो तो अच्छा, ना हो तो ज़्यादा अच्छा , क्योंकि तब ईश्वर के मन का होगा। "
 - हरिवंश राय बच्चन 


एक बच्चा अपनी माँ के साथ एक दुकान पर सामान खरीदने गया तो दुकानदार ने उसकी मासूमियत देखकर टॉफियों के डिब्बे खोलकर कहा "लो बेटा टाफी ले लो ' पर उस बच्चे ने भी बड़े प्यार से उन्हें मना कर दिया। इसके बाबजूद उस दुकानदार और उसकी माँ ने भी उसे बहुत कहा पर वह मना करता ही रहा। हारकर उस दुकानदार ने खुद अपने हाथ से टाफियां निकालकर उसको दे दी। तब उस बच्चे ने टाफियां ले ली और अपनी जेब में डाल लीं। 

लौटते समय उसकी माँ ने पूछा "जब अंकल तुम्हारे सामने डिब्बा खोलकर तुम्हे टाफियां लेने को कह रहे थे तब तुमने नहीं लीं और जब उन्होंने तुम्हें अपने हाथों से दी तो तुमने ले लीं, ऐसा क्यों? 

तब उस बच्चे ने बहुत ही सुंदर जबाब दिया। उसने कहा " मेरे हाथ बहुत ही छोटे छोटे हैं अगर में स्वयं टाफियां लेता तो दो या तीन ही आतीं जबकि अंकल के हाथ बड़े बड़े हैं इसीलिए ज्यादा टाफियां मिल गयीं।" 

इसी तरह जब हम किसी कार्य को नहीं कर पाते हैं तो हमें निराश नहीं होना चाहिए बल्कि यह सोचना चाहिए कि अवश्य ही इसके पीछे ऐसा कोई कारण होगा जो हमें इस कार्य को करने से रोक रहा है। हो सकता है हम हाथ में चम्मच ले कर खड़े हैं और भविष्ये के गर्त में हमारे लिए समुद्र लिखा हो। 

ईश्वर का काम करने का ढंग निराला और विचित्र है। उसके तरीके हमेशा हमें समझ आएं, ऐसी उसकी कोई प्रतिबद्धतता नहीं है। ईश्वर जब एक दरवाज़ा बंद करता है तो उसकी जगह दो दरवाज़े और खोलता है, बस सही दरवाजा ढूंढने की ज़िम्मेदारी हम पर छोड़ता है। जीवन में अनेकों कठिनाइयँ आएंगी और इनका सामना ना कर पाने पर निराशा भी होगी जो स्वाभाविक ही है। परन्तु ऐसी मुश्किल की घड़ी में आँख बंद करके भगवान पर भरोसा कर लेना चाहिए क्योंकि उसे उन योजनाओं का पता है जो उसके पास हमारे लिए हैं। हमें नुकसान ना पहुंचाने और समृद्ध बनाने की योजना, उम्मीद और एक अच्छा भविष्य देने की योजना। 

अतः ईश्वर पर भरोसा रखे, क्योंकि उसकी योजनाए आपकी इच्छाओं और आकांक्षाओं से बेहतर हैं।

Comments

  1. "...तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है कि तुम्हें इन सब वस्तुओं की आवश्यकता है।"
    -प्रभु यीशु (मत्ती 6:32 - पवित्र बाइबिल)

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  2. Very nice nice 👌👌👍👍

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  3. Absolutely right mam.very nice thought.actually bhagvan apne bacho ka Acha bura jante h islye hme bhagvan pr sb kch chod dna chahye or hmesa bharosa rakhna chahye.nikky tyagi.

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  4. Absolutely right mam.very nice thought.actually bhagvan apne bacho ka Acha bura jante h islye hme bhagvan pr sb kch chod dna chahye or hmesa bharosa rakhna chahye.nikky tyagi.

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  5. Beautifully written 👌👌

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  6. वेरी गुड बहुत बहुत अच्छा

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  7. बहुत बढ़िया

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  8. Good thought ma'am 😊😊
    Shivani sharma

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  9. Very beautiful thought.
    God is everywhere so believe on God.

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  10. Very nice and inspiration story

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  11. Rightly said. Very insightful thought.

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  12. Isliye kaha jata hai Bhagwan jo karega achcha hi karega.

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  13. नमस्कार।
    बहुत ही सुन्दर कहानी है और बिलकुल सही है कि परमात्मा ने हर एक के लिए उसकी भलाई ही निश्चित की है।
    इस सन्दर्भ में एक महाराजा अकबर और बीरबल की कहानी सुनी होगी जिसमें शिकार करते हुए अकबर का अंगूठा कट जाता है और बीरबल कहता है की इसमें भी कुछ अच्छा हुआ होगा। अकबर नाराज़ हो कर बीरबल को जेल में दाल देता है। कुछ समय बाद अकबर को जंगल में आदिवासिओं ने पकड़ लिया पर उनकी बली चढ़ाने से छोड़ दिया क्यूंकि वे अंगूठा कटने के कारण complete नहीं थे। उस समय उन्हें बीरबल का कहा याद आया और वे बीरबल को धन्यवाद देने जेल में मिलने गए। उन्होंने माफ़ी मांगी तो बीरबल ने कहा कि इसमें भी कुछ अच्छा है क्योंकि यदि वो जेल में नहीं होते तो उनके साथ शिकार पर जाते और आदिवासी महाराज की जगह उनकी बली चढ़ा देते।
    इस कहानी से सीखना चाहिए की जो होता है, उसमें भी कुछ अच्छा होगा। जो सही द्वार के सम्बन्ध में लिखा है, इस पर मुझे कहना है कि destiny brings you to a point from where you have to make a choice from various doors that open from there. After this point your journey is based on your choice which will take you to the next destiny. ....... and the life goes on from one destiny to another depending on the choices you make in your life.

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  14. 👌🏼👌🏼👍🏻👍🏻👍🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

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  15. Atyant Sulabh aur seedhi baat. ATI uttam

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  16. 👌🏻👌🏻👌🏻👍🏼👍🏼👍🏼👍🏼

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  17. Greatly written and thought.

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  18. Nishkam Karma Yoga
    Do your work and surrender to the lord

    Hare Krishna...😊

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  19. Very Motivational story ma'am.... Thanks for sharing.Dr. Binaca Agrawal.

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  20. Manka ho to achcha,na ho toh jyada achcha,this is the essence of blog.inGeeta it is written ,perform your acts and deeds and leave the results to God.Some times we are worried about the things which are not happens in a way which doesn’t suits us but we find that outcomes are even better than our thinking’s.God is always there’ who award for every act ,so We should perform our duties correctly and rest leave on God

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  21. Absolutely right.God is grate 👍🙏

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  22. Great, Thanks for sharing

    Mukul

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  23. ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है

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  24. ईश्वर वह नहीं देता जिसकी हमहे ज़रूरत है,
    ईश्वर हमें वह देते है, जो हमारे लिए उचित होता है।

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