मुझसे ना हो पायेगा


'मुझसे ना हो पायेगा' बस इतना कह पाना दुनिया का सबसे बड़ा सच और सबसे मुश्किल काम है … अगर कोई हिम्मत करके कह भी दे… तो हम इस सच को स्वीकार ही नहीं करते है और सोचते है कि जरुर इसके पीछे ऐसा कोई कारण होगा जिसको यह हमें बताना नहीं चाहता है अथवा हमारा काम करना ही नहीं चाहता है।

परन्तु उसके ऐसा करने के पीछे क्या वजह है हम समझना ही नहीं चाहते है। शायद उस वजह को समझना मुश्किल होता होगा।

बार बार कहने पर भी जब वह काम करने के लिए तैयार नहीं होता है तो यह मान लेते है कि वह जिद्द कर रहा है। जबकि यह उसकी जिद्द नहीं बल्कि उसकी असमर्थता है जिसे वह बता नहीं पा रहा है। उसके चेहरे पर आने वाले भाव उसकी असमर्थता को वखान करते है। परन्तु हम उस भाव को समझना ही नहीं चाहते है क्योंकि भाव को समझना बेहद मुश्किल होता है।

'तारे जमींन पर' फ़िल्म मे भी वह छोटा बच्चा सही अक्षर लिखने मे असमर्थ था और बार बार अपनी हरकतों और अपने गुस्से से अपनी बात को समझाने का प्रयास कर रहा था कि वह अपने दादा जितना होशियार नहीं है, नहीं कर सकता है वो वह सब काम जो उसका दादा करता है। मगर नहीं… कोई भी उसकी बात को समझने के लिए तैयार नहीं था। उसके माता पिता को तो ‘भाव’ की नहीं ‘नाम’ की चिंता थी। परन्तु जब उसके गुरु ने 'मुझसे ना हो पायेगा' के भाव को समझा तो वह छोटा बच्चा स्कूल का सबसे होनहार छात्र बन गया।

यह इंसानी स्वभाव की कड़वी सचाई है कि प्रत्येक व्यक्ति केवल अपने भावों के माध्यम से सारी दुनियां को देखता है और महसूस करता है साथ ही उम्मीद भी करता है कि सभी दुनिया को उसकी नज़रों से देखे।

जिन विषयों पर हमारी पकड़ मजबूत होती है हम उन्ही विषयों पर बात करना चाहते है और कमजोर पर आक्रमक बन जाते है। विचारों के आदान प्रदान के सारे रास्ते बंद कर देते है। वास्तविकता तो यह है कि हम केवल अपने ही भावों के साथ जीते है और उसी में खुश रहते है।

जब कोई यह कहे कि मुझसे ना हो पायेगा तो ऐसे में कुम्हार बन जाएँ क्योंकि कुम्हार जब घड़ा बनाता है तो अंदर से हाथ लगाता है और बाहर से तेज थपथपाता है तब जा कर मिट्टी को घड़े का आकार मिलता है। यदि 'मुझसे ना हो पायेगा' के भाव को उसके काम के साथ जोड़ दिया जाये तो निश्चित ही वह उस काम को कर पायेगा।

कार्य की सफलता के लिए सबसे पहले हमे स्वयं यह स्वीकार करना चाहिए कि वह इस समय इस काम को करने मे असमर्थ है परन्तु हमेशा कि लिए नहीं। साथ ही दूसरों को भी इसे स्वीकार करने कि लिए प्रेरित करना चाहिए। तभी कार्य की सफलता संभव है।

Comments

  1. Truth blog mam kuch karne k lia pahle hme khud se jitna hota h khud par wiswas karna hota h

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  2. Pahle khud par wiswas kro tabhi sab kam kar skte h hum

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  3. Mam, it's a nice thought
    Amazing write up

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  4. It is true thought and nice story this type story give us motivation for being a easy life firstly we should belive in yourself then we can proved anything in this world thank you mam for this story 😊☺️

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  5. Very nice thought mam.
    Mohini babu ram saini

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  6. Very true, dear mam
    Meenu Agrawal

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  7. बहुत सुन्दरं

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  8. मनुष्य के लिए कुछ भी असंभव नहीं है, लेकिन दुख की बात है कि उसे स्वयं पर ही विश्वास नहीं होता कि उसके भीतर इतनी शक्तियां विद्यमान हैं ।यदि मनुष्य अपनी मन की गहराइयों में जाए तो वह अपनी शक्तियों को पहचानकर और उनका इस्तेमाल करके असंभव कार्य को भी संभव कर सकता है.।।

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  9. अंदाजे से न नापिये किसी इंसान की हस्ती,
    ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे हुआ करते हैं..

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  10. Kash all parents could understand this. Aajkal to pagalpan ki had ho gayi hai. Jahan chhote se bachho se target oriented session karvaye Jaa rage hai. Good stories.

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  11. Yes this is true....saying no is the most difficult thing

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  12. If you believe in yourself anything is possible.

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  13. प्रेरक प्रसंग

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  14. नमस्कार। साधारणतः यह लोगों का अत्यंत सामान्य दृष्टिकोण है और आपने इस स्तिथि का सही विश्लेषण किया है।
    जो लोग learning mode में होते हैं, वही दूसरों के बारे में सही सोच सकते हैं वरना सब दूसरे को कामचोर समझने की गलती करते हैं।
    इस बारे में एक प्राथमिक कारण है की हम आमतौर पर, लोगों को समझने के उद्द्येश से नहीं सुनते, बल्कि उत्तर देने अथवा उसके बारे में judgement या opinion बनाने के view से सुनते हैं। इसलिए, उनके कार्य करने की क्षमता व अक्षम होने की ओर ध्यान जाता ही नहीं।
    यदि किसी की बात सही भाव से सुने, तो दुनिया कितनी अच्छी हो जाएगी।

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  15. Very nice thought
    Very true

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  16. Very thoughtful ma’am.... never try to think like that

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  17. Beautiful ly explained

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  18. जब तक हमें स्वयं पर विश्वास नहीं होगा हम आगे नहीं बढ़ सकते यदि हमें स्वयं पर विश्वास है तो हम कठिन से कठिन कार्य को सफलतापूर्वक कर सकते हैं

    Kajal D/o Mr. Premraj

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  19. जब तक हमें स्वयं पर विश्वास नहीं होगा हम आगे नहीं बढ़ सकते यदि हमें स्वयं पर विश्वास है तो हम कठिन से कठिन कार्य को सफलतापूर्वक कर सकते हैं।

    Kajal D/o Mr. Premraj

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  20. Very true inner strength is always necessary for success

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  21. I may not able to do everything, but whatever I do, I must put my best in that.

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  22. हम सभी को 'मुझसे ना हो पाएगा 'वाक्य का भाव समझने की आवश्यकता है.
    धन्यवाद मैम! आपने इसका बहुत ही सुंदर व सही विश्लेषण किया है.🙏🙏🙏

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  23. Real life situation with motivating examples.... Very nice ma'am.
    Thanks for sharing
    Dr. Binaca Agrawal

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  24. मदद सर्वोपरि है पर उससे भी पहले है स्वयं की तैयारी।

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