Kitchen Gardening (Part 2)
पहले पार्ट मे मिटटी को तैयार करने के लिए जिन पोषक तत्वों का प्रयोग किया गया था उन का प्रयोग करने से पूर्व यह जानना जरुरी है कि इनका क्या उपयोग है और यह प्लांट की ग्रोथ मे कैसे काम करते है-
कोकोपीट - इससे मिटटी मे नमी बनी रहती है, परन्तु कोकोपीट का प्रयोग करने से पहले उसको पानी मे भिगो कर अच्छी तरह से वाश कर ले उसके बाद ही उसका प्रयोग करें। इसे मिटटी रहित पौधारोपण के लिए भी प्रयोग किया जाता है।
रिवर सेंड - यह मिटटी को नमी देने के साथ साथ पानी को रोक कर (retain) रखती है। परन्तु ज्यादा मात्रा मे मिलाने पर यह कभी कभी मिटटी को जाम कर सकती है। इसीलिए एक निश्चित मात्रा मे इनका प्रयोग किया जाता है।
नीम केक - यह नीम के पेड़ की फल और गुठलियों से बनता है। जो पेस्टिसाइड और पौधों मे सूक्ष्म पोषक तत्वों के रुप मे काम करता है तथा मिटटी को स्वस्थ्य बनाता है।
बोनमील - यह जानवरों की हडियों से बनाया जाता है जो पौधों मे फास्फोरस के स्तर को बढ़ता है तथा कैल्शियम प्रदान कर जड़ों का विकास करता है।
चूना - मिटटी की अम्लीयता कम करने तथा उसे पौधा लगाने के अनुकूल छारीय बनाने के लिए किया जाता है। मटर, बीन्स, टमाटर, पालक, पत्ता गोभी, प्याज, लहसुन, लेटस, शतावरी, चुकंदर आदि के लिए चूने का प्रयोग किया जाता है। आलू, अंगूर, काली मिर्च, स्ट्राबेरी, ब्लूबेरी इनमे चूने का प्रयोग नहीं किया जाता है।
सरसों खली -यह सरसों के तेल का अवशेष होता है। इसमें पोटाशियम, नाइट्रोजन, प्रोटीन, मेग्नेशियम, सल्फर और फास्फोरस पाया जाता है जो पौधों को धीरे धीरे पोषक तत्व प्रदान करता रहता है साथ ही फंगस के संक्रमण से पौधों को बचाता है। इसको तरल और पाउडर दोनों ही रुप मे प्रयोग कर सकते है।
हल्दी पाउडर - यह पौधों मे चींटियों को भगाने तथा फफूंदी को लगने से रोकता है। एक भाग हल्दी और दो भाग राख को मिलाकर संक्रमित हिस्से पर लगा दे। हल्दी को मिटटी मे भी मिला सकते है और पौधों के ऊपर भी डाल सकते है।
पोटाश - यह पौधों मे पानी की कमी को दूर करता है। इसकी कमी से पत्तियों मे झुलसन, मुड़ना, पीलापन व बैगनी रंग के धब्बे होने लगते है जिनको यह दूर करता है।
स्टोन डस्ट -यह मिटटी को खनिज प्रदान करता है। यह प्रयोग करने मे सुरक्षित होता है तथा मिटटी के खनिजों और सूक्ष्म पोषक तत्वों को आपस मे जोड़ता है।
दालचीनी - यह पौधों मे लगने वाली चोटों की मरम्मत करता है तथा इन्फेक्शन को रोकता है।
ये सभी पोषक पदार्थ मिलकर मिटटी को रिच बनाते है जो हमारे किचन गार्डन के लिए आवश्यक है।
पार्ट 3 मे गमलों के चुनाव पर चर्चा करेंगे।
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DeleteReally informative blog..keep sharing.
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ReplyDeleteBahut acchi jankari de hai apni
ReplyDeleteUseful Information mam ..😊
ReplyDeleteहमारी धरती बहुत से पोषक तत्वों से परिपूर्ण है परंतु हम इसके प्रति अनभिज्ञ है ,आज इस लेख से हमे बहुत अच्छी जानकारी प्राप्त हुई।
ReplyDelete" आओ मिलकर हम सब मिट्टी को बचाए, सदगुरु के इस मुहीम को हम मिलकर सफ़ल बनाए।"
Very useful and informative 👍
ReplyDeleteManisha Sarkar: very informative and useful 👍
ReplyDeleteVery interesting, informative and useful 👍👍
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ReplyDeleteKindly keep it up and teach us and other interested people.
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ReplyDeleteVery informative and useful blog, to maintain our garden and plants.... Thank you very much !
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ReplyDeleteVery helpful. Please write on how to care on low maintenance indoor plants.
ReplyDeleteThankyou ! Sure, will post a blog on that soon. Keep watching the space for more !
DeleteKafii kaam ke jankari mil gaye hai, will frwd this to people who need to have such information
ReplyDeleteThankyou for your support !
DeleteDifferent information 👏🏻👏🏻
ReplyDeleteThanks, informative blog
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