Kitchen Gardening (Part 5)
अब बारी आती है खाद की क्योंकि पौधों का विकास करने के लिए अच्छी खाद का होना जरुरी होता है सामान्यतः बाजार से केमिकल युक्त खाद लेकर पौधों मे डाल देते है जो कि हानिकारक होती है और कुछ समय के बाद मिटटी को भी ख़राब कर देती है। यदि यही खाद जैविक हो तो मिटटी भी अच्छी रहती है और विकास भी अच्छा होता है। मेरे कुछ रीडर्स ने पूछा कि कोई ऐसी खाद बताइये जिसको सभी पौधों मे डाला जा सके। ऐसे कुछ फर्टिलाइजर है जिनको आप प्लांट्स मे डाल सकते है। इनमे से कुछ घर पर तैयार किये जा सकते है और कुछ बाजार से लिए जा सकते है ये आर्गेनिक और कैमिक्ल दोनों प्रकार के होते है। यह गार्डनर के ऊपर निर्भर करता है कि वह किसका प्रयोग करना चाहता है।
Organic fertilizer (जैविक खाद)
1) Kitchen Waste को 2 से 3 दिन तक पानी मे भिगो कर रखे उसके बाद उसमे दुगना पानी मिलाकर प्लांट्स मे डाल दे। इससे प्लांट को सभी पोषक तत्व मिल जाते है। यह प्रक्रिया प्रत्येक 15 दिन बाद दोहराएं।
2) Vermicompost- महीने मे एक बार -1 चम्मच वर्मीकम्पोस्ट 8/9 इंच के गमले मे, 2 चम्मच 10/12 इंच के गमले मे दे इससे प्लांट मरता नहीं है और धीरे धीरे ग्रोथ करता है।
3) गाय के गोबर की 3 साल पुरानी खाद डाल सकते है। सर्दियों मे गमलों मे मिटटी के ऊपर डालें। गाय के गोबर की खाद को डालने से पहले गमले की 2 इंच मिटटी निकाल ले और उसमे गोबर की खाद डाल कर मिटटी भर दे और पानी देदे। 15 दिन मे भी दे सकते है।
गर्मियों मे पानी मे भिगो कर डाले। उपले को पानी मे एक दिन के लिए भिगो दे और उसमे 10 गुना पानी मिलाकर पौधों मे डाले। महीने मे 1 बार दे सकते है।
4) Sagarika Liquid- यह जैविक खाद है। इसका प्रयोग टमाटर गोभी, सरसों, सूरजमुखी व गैर फलीदार सब्जियों के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
5) चाय पत्ती- 1 चम्मच चाय पत्ती 1 लीटर पानी मे भिगो दे 24 घंटे के बाद उसे छान कर उसमे 1 लीटर पानी मिलाकर पौधों मे डाल दे। इस पानी का स्प्रे भी कर सकते है। मनीप्लान्ट की ग्रोथ के लिए सबसे अच्छा fertilizer है।
6) Phyto fuel Micro- एक टेबल स्पून एक लीटर पानी मे डाल कर सप्ताह मे एक बार दे। यह आर्गेनिक microalgae है जो गहरे समुद्र से निकला जाता है।
7) सभी फ्रूट्स और सब्जियों के छिलके लेकर चौबीस घंटे के लिए पानी मे भिगो दे और तीन गुना पानी मिलाकर प्रयोग करें।
8) चावल का पानी, दही के पानी को बॉटल मे भर ले और उसमे साफ पानी मिलाकर तीन दिन के लिए रख दे उसके बाद पौधों मे डाल दे। दही मे मौजूद बैक्टीरिया पोषण देने का काम करते है साथ ही यह प्लांट के लिए एक नेचुरल pesticides या कीटनाशक का काम भी करता है। किसी भी प्लांट की ग्रोथ के लिए मिटटी का acidic होना जरुरी होता है।
1 कप दही मे 1कप पानी मिलाकर 2 दिन धूप मे रख दे और तीसरे दिन 10/12 गुना पानी मिलाकर पौधों मे डालने से पौधों को पोषक तत्व मिलते है और चींटियां भी नहीं आती है।
9) सरसों खली- 100 ग्राम सरसों खली को 2 से 3 दिन के लिए पानी मे भिगो दे जब वह अच्छे से मिल जाये तो उसमे मे 5 लीटर पानी मिलाकर 5 से 6 गमलों मे दे सकते है। इसे महीने मे एक बार प्रयोग कर सकते है। यह गर्म होती है इसीलिए गर्मियों मे इसका प्रयोग नहीं किया जाता है।
10) एलोवीरा की पत्तियों का रस भी पौधों मे डाल सकते है।
11) एक स्पून Epsom Salt को एक लीटर पानी मे मिलाकर महीने मे एक बार स्प्रै करे।
12) मक्खन निकालने के बाद जो बटर मिल्क निकलता है उस मे पानी मिलाकर 1/2 दिन बाद पोधो मे डाल सकते है।
अगले पार्ट मे केमिकल फ़र्टिलाइज़र के विषय मे जानेगे।
आप सबके सुझाव और प्रतिक्रियाओं का स्वागत है।
Organic fertilizer (जैविक खाद)
1) Kitchen Waste को 2 से 3 दिन तक पानी मे भिगो कर रखे उसके बाद उसमे दुगना पानी मिलाकर प्लांट्स मे डाल दे। इससे प्लांट को सभी पोषक तत्व मिल जाते है। यह प्रक्रिया प्रत्येक 15 दिन बाद दोहराएं।
2) Vermicompost- महीने मे एक बार -1 चम्मच वर्मीकम्पोस्ट 8/9 इंच के गमले मे, 2 चम्मच 10/12 इंच के गमले मे दे इससे प्लांट मरता नहीं है और धीरे धीरे ग्रोथ करता है।
3) गाय के गोबर की 3 साल पुरानी खाद डाल सकते है। सर्दियों मे गमलों मे मिटटी के ऊपर डालें। गाय के गोबर की खाद को डालने से पहले गमले की 2 इंच मिटटी निकाल ले और उसमे गोबर की खाद डाल कर मिटटी भर दे और पानी देदे। 15 दिन मे भी दे सकते है।
गर्मियों मे पानी मे भिगो कर डाले। उपले को पानी मे एक दिन के लिए भिगो दे और उसमे 10 गुना पानी मिलाकर पौधों मे डाले। महीने मे 1 बार दे सकते है।
4) Sagarika Liquid- यह जैविक खाद है। इसका प्रयोग टमाटर गोभी, सरसों, सूरजमुखी व गैर फलीदार सब्जियों के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
5) चाय पत्ती- 1 चम्मच चाय पत्ती 1 लीटर पानी मे भिगो दे 24 घंटे के बाद उसे छान कर उसमे 1 लीटर पानी मिलाकर पौधों मे डाल दे। इस पानी का स्प्रे भी कर सकते है। मनीप्लान्ट की ग्रोथ के लिए सबसे अच्छा fertilizer है।
6) Phyto fuel Micro- एक टेबल स्पून एक लीटर पानी मे डाल कर सप्ताह मे एक बार दे। यह आर्गेनिक microalgae है जो गहरे समुद्र से निकला जाता है।
7) सभी फ्रूट्स और सब्जियों के छिलके लेकर चौबीस घंटे के लिए पानी मे भिगो दे और तीन गुना पानी मिलाकर प्रयोग करें।
8) चावल का पानी, दही के पानी को बॉटल मे भर ले और उसमे साफ पानी मिलाकर तीन दिन के लिए रख दे उसके बाद पौधों मे डाल दे। दही मे मौजूद बैक्टीरिया पोषण देने का काम करते है साथ ही यह प्लांट के लिए एक नेचुरल pesticides या कीटनाशक का काम भी करता है। किसी भी प्लांट की ग्रोथ के लिए मिटटी का acidic होना जरुरी होता है।
1 कप दही मे 1कप पानी मिलाकर 2 दिन धूप मे रख दे और तीसरे दिन 10/12 गुना पानी मिलाकर पौधों मे डालने से पौधों को पोषक तत्व मिलते है और चींटियां भी नहीं आती है।
9) सरसों खली- 100 ग्राम सरसों खली को 2 से 3 दिन के लिए पानी मे भिगो दे जब वह अच्छे से मिल जाये तो उसमे मे 5 लीटर पानी मिलाकर 5 से 6 गमलों मे दे सकते है। इसे महीने मे एक बार प्रयोग कर सकते है। यह गर्म होती है इसीलिए गर्मियों मे इसका प्रयोग नहीं किया जाता है।
10) एलोवीरा की पत्तियों का रस भी पौधों मे डाल सकते है।
11) एक स्पून Epsom Salt को एक लीटर पानी मे मिलाकर महीने मे एक बार स्प्रै करे।
12) मक्खन निकालने के बाद जो बटर मिल्क निकलता है उस मे पानी मिलाकर 1/2 दिन बाद पोधो मे डाल सकते है।
अगले पार्ट मे केमिकल फ़र्टिलाइज़र के विषय मे जानेगे।
आप सबके सुझाव और प्रतिक्रियाओं का स्वागत है।

Anonymous
ReplyDeleteVery interesting information and useful also
DeleteVery well ezplained
DeleteVery informative 👌
ReplyDeleteGood information
ReplyDeleteUseful information
ReplyDeleteदही और एलोवेरा में पौधो की शक्ति बढ़ाने की क्षमता होती है यह जानकारी बहुत ही अच्छी है ।
ReplyDeleteआपके लेख को पढ़ कर बहुत कुछ सीख ने को मिलता है ।आपका नमन।
Very much informative
ReplyDeleteVery nicely explained👌
ReplyDeleteVery informative
ReplyDeleteGood info. shared in my groups
ReplyDeleteGoogle information
ReplyDeleteVery nice information keep it up.
ReplyDelete👍👍
ReplyDeleteVery useful information
ReplyDeleteGood info👍
ReplyDelete