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Showing posts from September, 2020

दो अनमोल रत्न - समय और धैर्य (Part 2)

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गौतम का गौतम बुद्ध बनने का सफर ऐसे ही नहीं पूरा हो गया था। उन्होंने वर्षों तपस्या की और धैर्य बनाये रखा। उनका यह प्रयास लोगों की प्रेरणा का विषय तो बना परन्तु वे लोग धैर्य न रख कर प्रथम प्रयास में ही बुद्धत्व को प्राप्त करना चाहते थे।  गौतम बुद्ध के लिए उनके इन प्रश्नों का उत्तर देना सहज था परन्तु प्रश्न करने वालों मे उतना धेर्ये नहीं था और समय का तो नितांत अभाव था। ना तो वे समय को अपनी साधना में लगाना चाहते थे और ना ही धैर्य पूर्वक सही समय की प्रतीक्षा करना चाहते थे। महात्मा गौतम का तेज देखकर सबके मन में वैसा ही तेज और ज्ञान प्राप्ति की अभिलाषा उत्पन्न होने लगती थी परन्तु वे सब उसको सहज ही प्राप्त करना चाहते थे मात्र महात्मा गौतम के एक आशीर्वाद से। परन्तु यह सोचने का प्रयास नहीं करते थे कि बिना धेर्ये रखे और बिना साधना के प्राप्त होने वाली वस्तु सहज तो हो सकती है परन्तु ज्ञान से परिपूर्ण नहीं हो सकती है और न ही मनवांछित फल देने वाली। उनके तेज और ओजस्वी बाणी से प्रभावित होकर ना जाने उनके कितने ही शिष्य बन गए थे परन्तु ज्ञान प्राप्ति की धैर्य पूर्वक प्रतीक्षा करने के बजाए उन्होंने प...

दो अनमोल रत्न - समय और धैर्य (Part 1)

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यह मानव स्वभाव ही है कि आकांक्षाओं व आशाओं के पूरा ना होने पर यह सोचने के स्थान पर की हमारी मेहनत में क्या कमी रह गयी है उससे भागने का प्रयास करता है और सोचता है कि ईश्वर ने मेरी तकदीर ही ऐसी बनाई हैं या मैं ही क्यों दूसरा क्यों नहीं? दोनों ही स्तिथियाँ हमें आगे बढ़ने से रोकती हैं और हम दिवास्वप्न मे जीने लगते हैं।  या फिर किसी ऐसे चमत्कार की तलाश में लग जाते हैं जो पलक झपकते ही हमारी सभी समस्याओं या सभी इच्छाओं को पूरा कर दे। हम स्वयं कोशिश नहीं करते हैं और ना ही किसी की बात मानने को तैयार होते हैं। जो लोग दूसरों की सही सलाह मान लेते हैं और अपने जीवन में उतार लेते हैं वही आगे चल कर अपने स्वप्नों को पूरा कर पाते है।  इस साधु के पास ना जाने कितने ही लोग अपने स्वप्नों को पूरा होने की आशा लेकर आते होंगे परन्तु साधु की बात सुन कर वापिस चले जाते होंगे। किसी ने भी उसकी बातों को समझने का प्रयास ही नहीं किया होगा और जिसने भी उसकी बातों का मर्म समझ लिया उसने ही जिंदगी में वो सब पा लिया जो वो पाना चाहता था। वास्तव मे समय और धेर्ये ही सच्चे हीरे मोती हैं जो मनुष्य के सभी आशाओं को पूरा कर ...

बरनी और जिंदगी का सार

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हम अपनी जिंदगी में भौतिकवादी वस्तुओं को तो समय दे देते हैं परन्तु अपने मित्रों और परिवार को उतना समय नहीं दे पाते हैं और धीरे धीरे उनसे दूर हो जाते हैं। अतः यदि जिंदगी को भरपूर जीना है तो अपने सभी सम्बन्धो को बराबर समय देना चाहिए जो हमारी व्यस्तताओं के बीच सकून दे सकें तभी हम जिंदगी का आनंद ले सकते हैं। यह कहानी आपने अनेकों बार पढ़ी होगी लेकिन इस बार इसे ना केवल मानवीय सम्बन्धो की महत्वत्ता के सन्दर्भ मे, बल्कि भौतिकवादी वस्तुओं की महत्तवहीनता के सन्दर्भ में भी देखनी चाहिए। भौतिकवादी वस्तुएं हमारे जीवन के लिए आवश्यक तो होती हैं परन्तु सम्वन्धों से ज्यादा जरुरी नहीं होती हैं और यह कहानी यही सन्देश देती है।  एक प्रोफेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वो आज उनको जीवन का एक महत्वपूर्ण पाठ पढ़ाने वाले हैं।  उन्होंने अपने साथ लायी एक कांच की बरनी मेज पर रखी और उसमें टेबल टेनिस की गेंद डालने लगे और तब तक डालते रहे जब तक कि उसमें एक भी गेंद डालने की जगह नहीं बची।  उन्होंने छात्रों से पूछा -क्या बरनी पूरी भर गयी है?  “हाँ”…आवाज आयी…  फिर प्रोफेसर साहब ने छोट-छ...

शिक्षा कोई व्यापार नहीं

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"No Google or Technology can replace a Teacher EVER !" शिक्षक दिवस पर एक बड़े उधोगपति शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे "देखिये ! बुरा मत मानिये ! लेकिन जिस ढंग से आप काम करते हैं आपके संस्थान चलते हैं, यदि मैं ऐसा करता तो अब तक मेरा बिज़नेस डूब चुका होता।“ चेहरे पर और वाणी मे सफलता का दर्प साफ दिखाई दे रहा था। “समझिए ! आपको और आपके संस्थानों को बदलना होगा, आप लोग पुराने तरीके (आउटडेटिड पैटर्न) पर चल रहे हैं और सबसे बड़ी समस्या आप स्वयं हैं जो किसी भी परिवर्तन के विरोध मे रहते हैं।"  वे फिर गर्व भरी मुस्कान के साथ बोले "हमसे सीखिए, बिज़नेस चलाना है तो लगातार सुधार करना होता है किसी भी तरह की चूक की कोई गुंजाईश नहीं । "  जब शुद्ध अंगरेजी मे चला उनका भाषण समाप्त हुआ तो एक शिक्षिका ने प्रश्न पूछने के लिए अपना हाथ खड़ा किया ।   “सर आप दुनिया की सबसे अच्छी कॉफी  बनाने वाली कम्पनी के मालिक हैं। एक जिज्ञासा थी कि आपकी सफलता का राज क्या है । "  उद्योगपति ने बड़े गर्व के साथ जबाब दिया "हम जो कॉफी के बीज खरीदते हैं, वो सिर्फ और सिर्फ एकदम सुपर, ...