Kitchen Gardening (Part 4)


मिटटी तैयार है, गमलों का चुनाव भी हो गया अब बारी है गमले कैसे और किस स्थान पर रखे जाये जिससे उनको पर्याप्त धूप या छाया मिल सके। इसके लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए -

Indoor plant हो चाहे outdoor Plant सभी को चार से छह घंटे की धूप की जरुरत होती है अतः पौधे ऐसे स्थान पर रखे जहाँ पर्याप्त धूप आती हो।

1A) 3 से 4 घंटे की धूप बाले स्थान पर पत्तों बाली सब्जियां उगाएं,

B) 4 से 5 घंटेकी धूप बाले स्थान पर रुट वाली और

C) 6 से 8 घंटे की धूप बाले स्थान पर सभी प्रकार की सब्जियां और फूल वाले पौधों को उगाया जा सकता है।

2) पानी देने का सही समय क्या है इसका ध्यान रखना आवश्यक है। पौधा लगाने के बाद वाटरिंग केन से पानी देते समय मिटटी को पूरा गीला करदें। दूसरी बार पानी तभी दें जब ऊपर की मिटटी एक से डेढ़ इंच तक सूख जाये।

3) दो गमलों के बीच 
मे दूरी होनी चाहिए जिससे इनके बीच हवा का प्रवाह सही रहे साथ ही पौधे को विकास करने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके परन्तु गर्मियों मे पौधों को पास पास रखे जिससे उनके बीच नमी बनी रहती है।

4) समय समय पर गुड़ाई करें।

5) गमले को थोड़ी ऊंचाई पर रखे जिससे ड्रेन होल से होकर 
पानी और हवा पास होती रहे। गमले के ऊपर की हवा- पानी से पौधे का ऊपरी विकास होता है उसी प्रकार ड्रेन होल से पानी का निकास होता है और हवा मिलने पर जड़ों का विकास होता है।

6) एक महीने के बाद गमले मे फिर से खाद डाले। खाद डालने से पहले गमले की एक से डेढ़ इंच तक की मिटटी बाहर निकाल ले वहां पर खाद भर कर उस पर निकली हुई मिटटी भर दे और अच्छे से पानी से तराई कर दे जिससे खाद सूखे नहीं और पौधे मे नमी बनी रहे।

7) प्रत्येक महीने अलग अलग प्रकार की खाद दे जैसे वर्मी कम्पोस्ट, गोबर की खाद, सरसों की खली, NPK, ऐसा करने से बढ़ते हुए
पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहते है।

8) गमले का चुनाव कैसे करें यह किचन गार्डनिंग पार्ट-२ मे बताया गया है।

9) गमलों के अनुसार ही पौधों का चुनाव करे जिससे छत पर ज्यादा भार न पड़े।

10) पोधो की जगह बार बार न बदले क्योंकि पौधे भी सजीव प्राणियों की तरह होते जो अपने आस पास के वातावरण के अभ्यस्त होते है और जगह बदलने पर ग्रोथ नहीं कर पाते है।

अगले पार्ट मे कौन कौन सी खाद होती है जो पौधों के लिए आवश्यक होती है इस पर चर्चा करेंगे।

Note - पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए मिटटी की समय समय पर गुड़ाई करें और बरसातों मे किसी भी प्रकार की खाद ना दे क्योंकि बरसात का पानी अपने आप मे सम्पूर्ण खाद है। 

Comments

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    Dr.D.P.Singh
    Deptt.of Zoology

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    Deepak Goel

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